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तो क्या पाकिस्तान के सम्पर्क में था झांसी का SDM ऑफिस, ATS ने मारा छापा, स्टेनो हिरासत में

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो 

ATS की टीम ने झांसी में एसडीएम सदर कार्यालय पर छापा मारा। ATS को यहां से सेना की गोपनीय सूचनाएं लीक करने की खबर मिली थी। जिसके बाद ये कार्रवाई की गई।

एटीएस की टीम ने शुक्रवार को एडीएम के स्टेनो राघवेंद्र को साथ लेकर एसडीएम (सदर) कार्यालय पर छापा मारा और कई घंटों तक फाइलों की जांच की। साथ की कई जरुरी दस्तावेज अपने कब्जे में लिए। राघवेंद्र पर भारतीय सेना की गोपनीय सूचनाएं लीक करने का शक है।

कोतवाली क्षेत्र के पठौरिया ईदगाह के पास निवासी राघवेंद्र अपर जिलाधिकारी कार्यालय (एडीएम) में स्टेनों हैं। एक माह पहले तक वह एसडीएम (सदर) कार्यालय में तैनात थे। बृहस्पतिवार की शाम उन्हें एटीएस ने सदर बाजार से उठाया था। करीब चार घंटे की पूछताछ के बाद एटीएस ने उन्हें पालीटेक्निक चौकी पर परिजनों के सुपुर्द कर दिया था।

शुक्रवार को एटीएस ने दोबारा राघवेंद्र को साथ लेकर एसडीएम (सदर) कार्यालय में छापा मारा। इस दौरान टीम के अफसर कई घंटो तक गोपनीय पत्रावलियों की जांच करते रहे। टीम ने एक- एक फाइल को खंगाला। कुछ दस्तावेज अपने कब्जे में भी ले लिए। इसके बाद टीम एडीएम कार्यालय पहुंची, यहां राघवेंद्र के लैपटॉप को कब्जे में ले लिया गया। देर शाम तक यहां भी पत्रावलियों की जांच जारी थी।

सूत्रों की माने तो एसडीएम (सदर) कार्यालय के अंतर्गत बबीना सैन्य क्षेत्र भी आता हैं। शक है कि राघवेंद्र ने एसडीएम कार्यालय में अपनी तैनाती के दौरान कुछ गोपनीय सूचनाएं लीक की थीं, जो अपराधियों और देशद्रोहियों तक पहुंची हैं। हालांकि, इस मामले में जिला और पुलिस के अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

मालूम हो कि, सदर बाजार में बृहस्पतिवार की शाम अपर जिलाधिकारी (एडीएम) के स्टेनो राघवेंद्र अहिरवार का अपहरण होने की सूचना से चार घंटे तक हड़कंप मचा रहा था, पर बाद में पता लगा कि एटीएस पूछताछ के लिए ले गई है। इस बीच डीआईजी, डीएम, एसएसपी और अन्य अफसर मौके पर पहुंच गए थे।

देर रात पुलिस ने राघवेंद्र को उनके परिजनों को सुपुर्द कर दिया था। एसएसपी जेके शुक्ल का कहना है कि वह इस मामले में कुछ नहीं बता सकते।

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