You are here

हार्दिक की BJP सरकार को चुनौती “मैं ठोककर किसानों के मंच पर आऊंगा, जिसे जो करना है कर ले”

नई दिल्ली/इंदौर। नेशनल जनमत ब्यूरो 

पटेल नवनिर्माण सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक पटेल की मध्यप्रदेश में बढ़ती सक्रियता ने शिवराज सरकार को परेशानी में डाल दिया है। मंदसौर में पाटीदार किसानों की सफल रैली के बाद आज (शनिवार) शाजापुर में किसानों की भीड़ इकट्ठी करके हार्दिक ने इतना तो साबित कर दिया इस युवा तुर्क का चेहरा गुजरात से बाहर भी अपनी बेबाकी कमाल दिखा रहा है।

मध्यप्रदेश के किसानों के बीच दूसरी किसान महापंचायत में पहुंचे हार्दिक पटेल ने शिवराज सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा कि किसानों को कमजोर समझकर उनका शोषण करने की कोशिश न करे प्रशासन वर्ना परिणाम गंभीर होंगे। हजारों किसानों की मौजूदगी से उत्साहित हार्दिक पटेल ने शिवराज सरकार की चेतावनी देते हुए कहा कि अब तो मध्य प्रदेश आता जाता रहूंगा, जिसे जो करना है कर ले। किसानों पर अत्याचार किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होग।

इसे भी पढ़ें-मृतक सुमित पटेल को इंसाफ और मुआवजे की मांग को लेकर सड़क पर उतरा कुर्मी स्वाभिमान महासंघ

चुनाव लड़ने का कोई इरादा नहीं-  

हार्दिक पटेल ने कहा, “मेरा चुनाव लड़ने का फिलहाल कोई इरादा नहीं है. मेरा ना तो कोई राजनीतिक मकसद है, ना ही मैं किसी सियासी दल का चेहरा हूँ. मैं केवल समाज और किसानों के मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहा हूँ.’’ 24 साल के युवा नेता ने कहा कि, “मैं चुनावी सियासत में उतरने के बारे में सही समय पर फैसला करूंगा.”

गुजरात की तरह म.प्र. में भी किसानों की आवाज दबा रही है बीजेपी- 

मध्यप्रदेश के मंदसौर में किसान आंदोलन के दौरान पुलिस गोलीबारी में पांच लोगों की मौत पर शिवराज सरकार को घेरते हुए हार्दिक ने आरोप लगाया कि गुजरात की तरह मध्यप्रदेश में भी किसानों की आवाज दबाई जा रही है. उन्होंने चुनौती भरे लहज में कहा, “मैं लगातार मध्यप्रदेश आऊंगा और पूरी मजबूती से आऊंगा. जिसे जो करना है, कर ले. मैं आने वाले कुछ महीनों में ग्वालियर और दूसरी जगहों पर किसान सभाओं में भाग लूंगा.”

इसे भी पढ़ें-OBC पीएम का कैबिनेट सचिवालय बना जातिवाद का अड्डा, 53 अधिकारियों में एक भी OBC नहीं

पटेल ने मांग की कि देश भर में किसानों का कर्ज माफ किया जाएं, 50 साल से ज्यादा उम्र वाले किसानों को सरकारी पेंशन मिले और राष्ट्रीय कृषक आयोग बनाया जाए. इसके साथ ही, मध्यप्रदेश के मंदसौर और नीमच जिलों में पिछले महीने किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर लादे गये तमाम आपराधिक मामले वापस लिए जाएं जिनमें अफीम तस्करी के कथित तौर फर्जी मामले शामिल हैं.

कर्जमाफी पर सरकार का रवैया दोगला है- अखिलेश कटियार

बिहार के सीएम नीतीश कुमार के प्रतिनिधि के रूप में मौजूद जनता दल यू व पटेल नवनिर्माण सेना के राष्ट्रीय महासचिव अखिलेश कटियार ने बीजेपी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों की कर्ज माफी पर सरकार का रवैया दोगला है।

इसे भी पढेंं-ये कौन सी योग्यता? हारी हुईं ईरानी के पास 2 मंत्रालय, 7वीं बार के MP संतोष गंगवार सिर्फ राज्यमंत्री

कटियार ने शिवराज सरकार से मांग की कि आंदोलन के दौरान जिन किसानो के खिलाफ प्रकरण दर्ज हुए हैं, उन्हें तुरंत वापस लिया जाए। उन्होंने कहा आज हर वस्तु के दाम कई गुना बढ़े हैं और किसानों की कृषि उपज के दाम 10 गुना घट गए हैं। किसानों को उनकी उपज की लागत का कम से कम डेढ़ गुना दाम मिलना ही चाहिए नहीं तो किसानों की समस्या खत्म होने की जगह बढ़ती ही जाएगी।

Related posts

Share
Share