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सोशल मीडिया पर छा गए मोरनी वाले शर्मा जी पर बने चुटकुले, पढ़ने से खुदको नहीं रोक पाएंगे

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो।

राजस्थान हाईकोर्ट के जज एसी शर्मा ने अपने रिटायरमेंट के अंतिम दिन अपने फैसले में जो मोर – मोरनी संवाद छेड़ा है वो आज सोशल मीडिया पर छा गया है. अब सोशल मीडिया पर लाखों चुटकुले मोर और शर्मा जी को लेकर बनाए जा रहे  हैं.

आपके लिए नेशनल जनमत ने चुनिंदा चुटकुलों की व्यवस्था की है..तो आप भी लीजिए शर्मा जी के ऊपर बने चुटकुलों का लुत्फ

 मो. जाहिद की वॉल से …..जज साहब की मोरनी का एक पराए मोर के साथ अफेयर था। प्रेग्नेंट हो गई।

जज साहब के मोर ने जब सुना की उसकी मोरनी प्रेग्नेंट है तो वो रोने लगा क्योकि वो अपनी मोरनी से महीनों से मिला नही था।

मोरनी समझ गई कि उसका पोल खुलने वाला है। उसने बड़े कुटिलता से अपने मोर से कहा

“बाबू ये तुम्हारा ही बच्चा है। ये जो तुम्हारे आंसू रूपी मोती हैं ना मैं इसको ही चूम कर प्रेग्नेंट हुई हूँ। तुम्हारे अलावा मैने किसी मोर की तरफ एक बार आँख उठा के भी नही देखा।”

जज साहब छुप कर मोर-मोरनी की इमोशनल बाते सुन रहे थे

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महेन्द्र यादव की वॉल से …

जानेमन, आज तो तुम बिलकुल मोरनी लग रही हो!

— ऐं? मतलब तुम आज फिर रोज की तरह मोर बनोगे? मेरे तो करम फूट गए !

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मो. रईश मंसूरी   की वॉल से….

.मोर-आओ ना जानू

मोरनी-रहने दो जी , अभी कल ही तो रोये थे 2 घंटे

शैलेश कुमार यादव की वॉल से….

आंशू के प्रकार..

पहला- खुशी के आसूँ

दूसरा- दुःख के आसूँ

तीसरा- गर्भधारण के आसूँ

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राज आदिवाल की वॉल से…..

मोरनी – लो ये प्याज़ काट दो

मोर – क्यूँ ? क्या बना रही हो

मोरनी – कुछ नही, बस मैं तुम्हारे बच्चे की माँ बनना चाहती हूँ।

समीर कुरैशी की वॉल से …

मोर का बच्चा अपने पिता से …

पापा मैं कैसे पैदा हुआ था???

:- बहुत ईमोशनल स्टोरी है बेटा, तु सुनकर रो…

पडेगा और मैं दादा बन जाऊँगा…

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सत्य प्रकाश  की वॉल से….

एक गाँव में एक गधे की तरह परिश्रमी ब्राह्मण रहता था।वो रोज गधे की तरह परिश्रम करता था। उसके परिश्रम से खुश होकर ब्रह्मा जी स्वयं प्रकट हुए और बोले कि मैं तुम्हारे परिश्रम से बेहद खुश हूँ इसलिए तुमको एक जज का दामाद बना देता हूँ। और वो परिश्रमी जज की बेटी से ब्याह कर के जज की गधे के जैसी खूब सेवा करने लगा। उस सेवा से खुश होकर जज ने अपने ओहदे का प्रयोग करके उसे भी एक छोटे न्यायलय का जज बनवा दिया। धीरे धीरे अपने ससुर के प्रभाव से वो एक हाई कोर्ट का जज बन गया। वहां भी उसने अपने गधेपन का परिचय दिया और ऐसा बयान दे डाला जो इस देश ही नही अपितु सम्पूर्ण जगत में परिहास के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों से अमर हो गया।

जयकिसन विस्नोई की वॉल से…

एक जवान #मोर शर्माते हुए #नवदीप_डिस्पेंसरी में पहुँचा और #डॉ_शाह से सकुचाते हुए बोला,, डॉ साहब, अजीब अजीब सपने आते हैं और फिर आँसू निकल जाते हैं

पावर प्लान की वॉल से ……

पहली मोरनी …दूसरी मोरनी से…

बहन तेरे अभी तक बच्चे क्यों नहीं पैदा हुए…

दूसरी मोरनी….मेरा पति रोता है तो खून के आंशू रोता है..बच्चे भी मरे पैदा होते हैं..

पहली मोरनी…कोई बात नहीं बहन …मेरा मोर तो गंगाजल वाले आंशू रोता है …तूं वो ट्राई कर ले  हो सकता है कहीं तुझे भी शर्मी जी जैसा होशियार बच्चा पैदा हो जाए

तनवीर खान की वॉल से… 

जब पेड़ पर मोर रोता है तो माँ मोरनियों से कहती है बैटा नीचे से हटजा वर्ना बच्चा आजायेगा.

मो.अयाज खान  की वॉल से...

मोर -:सुन रही है न तू रो रहा हूँ मैं

मोरनी -: बच्चे पैदा करने कि तकलीफ तुम क्या जानो शर्मा बाबू

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अश्विनी कुमार श्रीवास्तव  की वॉल से….

निःसंतान निराश न हों… आंसू से संतान प्राप्ति के लिए तुरंत मिलें-

शर्मा जी हाई कोर्ट वाले से

(इन्हें गाय की हड्डी से तंत्र-मंत्र क्रिया करने में भी महारत हासिल है)

पुराना पता- राजस्थान हाई कोर्ट

नया पता- भाजपा तय करेगी। किसी राज्य का राज्यपाल भवन भी हो सकता है।

अश्विनी कुसेमार श्रीवास्तव  की वॉल से

अटल जी से एक पत्रकार ने पूछा- क्या आप भी यह मानते हैं कि मोर के आंसू पीकर ही मोरनी गर्भवती हो जाती है। इसी वजह से मोर कुंवारा और ब्रह्मचारी ही रह जाता है जीवनभर?

अटल जी ने अपनी चिर-परिचित मुद्रा में आंख बंद करके कुछ देर मौन रखने के बाद बताया-” मोर कुंवारा तो होता है…मगर ब्रह्मचारी नहीं”

रवि बोचिया  की वॉल से………...

पत्नी द्वारा मांगा गया डायवोर्स

को जज महोदय ने यह दलील को मद्दे नजर रखते हुए मंजुर किया कि

” शादी से लेकर आज तक पतिदेव सिर्फ “मोर” बने हुए हॆ .

योगेश पटेल की वॉल से.…….

ये बोलते बोलते शर्मा जी के #### आ गये

# आँसू यहाँ नहि बोल सकता मोर प्रजाति के लिए अश्लील शब्द हो सकता है

 

 

 

 

 

 

 

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