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एक तरफ से भाजपाई बोले ‘मोदी-मोदी-मोदी’ आक्रोशित शिवसैनिकों का जवाब ‘चोर है-चोर है-चोर है’

नई दिल्ली/मुंबई। नेशनल जनमत ब्यूरो।

महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ भाजपा- शिवसेना गठबंधन के बीच सबकुछ ठीक तो नहीं चल रहा है। महाराष्ट्र सरकार मिलकर चला रहे दोनों दलों के बीच की दूरियां लगातार बढ़ती ही जा रही हैं। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव भी दोनों पार्टियों ने अलग-अलग लड़ा था। काफी खींचतान के बाद महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना की सरकार बन पाई थी, लगता है चुनाव के समय जो खटास दोनों दलों के नेताओ के बीच आई थी वो खत्म होने के बजाए बढ़ ही रही है।

अब एक तरफ मोदीमय भाजपा है जो शिवसेना की किसी भी धमकी को सहने के मूड में नहीं है तो दूसरी तरफ शिवसेना है जो महाराष्ट्र के अंदर भाजपा को बड़े भाई के तौर पर मानने को कतई तैयार नहीं है।

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जीएसटी कार्यक्रम में भिड़े बीजेपी-शिवसेना कार्यकर्ता- 

शिवसेना-बीजेपी के नेताओं के दिलों में आई कड़वाहट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मुम्बई में बीएमसी मुख्यालय में आयोजित नगर निकाय के जीएसटी रोल-आउट कार्यक्रम में शिवसेना और भाजपा के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। भिड़ंत ऐसी कि दोनों तरफ से कार्यकर्ता एक दूसरे दल के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।

यह घटना तब हुई जब शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और वित्त एवं योजना मंत्री सुधीर मुनगंटीवार बीएमसी मुख्यालय में मौजूद थे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस दौरान ‘मोदी, मोदी’ के नारे लगाए, जिसके तुरंत बाद शिवसेना ‘चोर है, चार है’ के नारे लगाने लगे।

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इस मामले में शिवसेना नेता किशोरी पेडनेकर ने कहा कि जब भाजपा कॉरपोरेटर ने शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के खिलाफ नारे लगाए, तब उन्होंने उस पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। हालांकि इस समारोह का आयोजन बीएमसी को 600 करोड़ रुपये के चेक के सौंपने के लिए किया गया था। कार्यक्रम में मुंबई के मेयर विश्वनाथ महादेववार और बीएमसी आयुक्त अजय मेहता भी उपस्थित थे।

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