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प्रोफेसर्स ने कराया अंबेडकरवादी छात्र श्रेयत बौद्ध पर जानलेवा हमला, बोले मुझे मार सकते हो, विचारधारा को नहीं

नई दिल्ली/लखनऊ। नेशनल जनमत ब्यूरो। 

लखनऊ के बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय में पीएचडी कर रहे दलित छात्र श्रेयत बौद्ध पर जानलेवा हमले किया गया है। ख़बरों के मुताबिक,अनुसूचित जाति के श्रेयत पर बाहर से आए करीब 20-25 लोगों ने अचानक हमला कर दिया। इस जानलेवा वारदात में श्रेयत बौद्ध की गर्दन में गंभीर चोट आई है।

घटना 20 अगस्त रात की है। श्रेयत ने हमलावरों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करा दी है। अंबेडकरवादी छात्र पर जानलेवा हमले के बाद बीबीएयू में चारों तरफ हडकंप मचा गया है।

श्रेयत ने घटना का ज़िक्र करते हुए नेशनल जनमत को बताया कि, रविवार की रात करीब 9 बजे 20-25 लोगों ने अचानक हमला कर दिया। हमलावरों के पास लाठी, ईंट, पत्थर और धारदार हथियार थे। उन्होंने सरेआम कहा कि उनपर ये कायराना हमला करवाने में विश्वविद्यालय के प्रोफेसर कमल जायसवाल और उपेंद्र सिंह का हाथ है।

श्रेयत ने इन दोनो अध्यापकों पर पुलिस में प्राथमिकी दर्ज़ कराई है। श्रेयत ने आगे कहा कि, मुझ पर हमले करने वाले मनुवादियों को भाड़े पर बुलाया गया था। लेकिन मैं बच गया। वहीं नेशनल जनमत के मुताबिक ,श्रेयत का जीवन सुरक्षित है।

श्रेयत बौद्ध अंबेडकरवादी विचारधारा के समर्थक हैं। वह विश्वविद्यालय में बाबासाहेब के विचारों के प्रति छात्रों को जागरूक करते रहे हैं। उन्होंने कई बार आरक्षण बचाओ आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं।

पिछले साल विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने वाले श्रेयत बौद्ध को विश्वविद्यालय प्रशासन ने सात छात्रों के सहित उन्हें निष्कासित कर दिया था।

उनके धैर्य और साहस की परख इस बात से होती है कि जानलेवा हमले के बाद उनके इरादों में कोई कमी नहीं आई उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर और बुंलद हौंसलों के साथ लिखा–

मुझे मार सकते हो, मेरी विचारधारा को नहीं।
मौत भी आ जाए पर बाबासाहेब की विचारधारा की लड़ाई लड़ना नहीं छोडूंगा।
फुले-अंबेडकरी विचारधारा की बात करने पर मनुवादियों द्वारा मेरे ऊपर जानलेवा हमला कराया गया है।

जय भीम..!!
हूल जोहार..!!

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