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महिला सम्मान के लिए आगे आईं श्वेता और गीता यादव झुका दिया विश्व की बड़ी कंपनी को

नई दिल्ली। नीरज भाई पटेल (नेशनल जनमत)

अमेज़न इंडिया ने अपनी साइट पर एक प्रोडक्ट रिलीज़ किया था. प्रोडक्ट क्या रिलीज किया था, निहायत ही घटिया स्तर की मार्केटिंग तकनीकि और महिला को लेकर पुरुषवादी कुंठा को जाहिर किया था. जिसे लेकर महिला एक्टीविस्ट श्वेता यादव ने अपनी फेसबुक वॉल पर ऐतराज जताया. हालांकि उन्होंने स्वीकार किया ये पोस्ट उन्होंने शिल्पी शिल्पी के फेसबुक अकाउंट पर देखी है. लेकिन सही रूप में इसे मुद्दा श्वेता यादव और उसके बाद गीता यादव या गीता यथार्थ के फेसबुक वॉल ने ही बनाया.

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इन दोनों के अभियान और सोशल मीडिया पर सक्रिय अन्य महिला एक्टीविस्ट के जज्बे से अमेजॉन जैसी विश्न की बड़ी कंपनी को झुकना पड़ा. अंतोगत्वा श्वेता यादव के पास अमेजॉन इंडिया की तऱफ से मैसेज आया कि वो स्त्री विरोधी पोस्ट हटा ली गई है. इस घटना ने ये भी साबित कर दिया कि अपने को मुख्यधारा का मीडिया बताने वालों के बिना भी कोई बात मुद्दा बनकर उस पर कार्रवाई भी हो सकती है.

Hello sweta,

Greetings from Amazon support.
I would like to assure you that you wont face such issues again in future.
Thanks for your feedback really appreciate it.
We value your patronage with us and look forward to seeing you soon.
Have a great day ahead!
Please use the survey below to tell us about your experience today.
Warmest regards,
Abhishek

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देखिए गीता यथार्थ और श्वेता यादव ने कैसे मुहिम चलाई फेसबुक पर-

सुबह नौ बजकर 52 मिनट पर – 

जिस देश के मर्दों की मानसिकत ऐसी है के हर रोज़ हर घंटे बलात्कार होते है, छोटी नन्ही बच्चियों से लेकर बूढी औरतों तक के बलात्कार होते है. शरीर में डंडे, कांच, रोड डाल दी जाती हो, आंतड़ियाँ बाहर खींच दी जाती हो, जहाँ औरत को सिर्फ वेजाइना समझा जाता है, उस देश में इस तरह का बाज़ारवाद फल फूल रहा है.
रेप करने वालों को तोहफा है, उस मानसिकता को तोहफा है, पैसे कमाने का इस से घटियाँ तरीका कोई नहीं सूझा क्या??

10:18 मिनट पर

सब मिलकर अमेज़न पर कंप्लेंट करते है.
कोई चाहे कितना भी बीजी हो, जिनको टैग किया वो कंप्लेंट बॉक्स में कम्लेंट जरूर करेंगे.

11: 47 मिनट पर

ये बलात्कार को बढ़ावा नहीं है तो क्या है??

हर घंटे बलात्कार होते है,
सिर्फ बलात्कार नहीं होते,
होती है चीरा फाड़ी लड़कियों के शरीर की,
स्तन काटे जाते है,
वेजाइना में घोंप दिए जाते है,
कांच, लोहे की रोड,
कंकर पत्थर के टुकड़े.,
शराब की टूटी बोतले,
मारने के बाद
जला देते है चेहरा,
ताकि कोई पहचान ना पाए,
उस देश का बाजार आपको मानसिक संतुष्टि देना चाहता है,
आप असलियत में ये सब नहीं कर पा रहे हो तो,
ऐशट्रे पर ही कर लीजिये,
जलती हुई सिगरेट मेटल की वेजाइना में बुझाइये,
और खुश होइए,
ये सोचकर के किसी औरत के शरीर को जला दिया.

(बाज़ार का ये रूप, और अमेज़न घिन्न हो रही है तुमसे.)

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2:30 बजे दोपहर उम्मीद जगी 

इस प्रोडक्ट के टॉप रिव्यु बदल चुके है,
सुबह जहां इसको लेकर अच्छे कमेंट्स थे,
अब नही है.
शुक्रिया दोस्तो इस कोशिश के लिए.
उम्मीद है #amazon इसको रिमूव करे..!!

फाइनली छह जून को सुबह  10 बजकर 30 मिनट पर 

सुनो,

आपकी लड़ाई थी,
आपकी कोशिश थी,
आप लोगों ने जीत ली.
जिनका नाम टैग करने से छूट गया, वो मुझे माफ़ करेंगे.

अमेज़न ने वो प्रोडक्ट हटा लिया.

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फिर गीता यथार्थ सबको धन्यवाद देेते हुए बोलीं. –

ना तो कोई नेता बोले
ना कोई धर्म के रखवाले बोले,
ना गाय-मोर करने वाले बोले.
ना दलित-दलित करने वाले बोले,
ना बेटी- बेटी करने वाले,

बोली तो सिर्फ लड़कियां,
और उन लड़कियों के साथ बोले कुछ लड़के भी.
महिलाओ के प्रति चिंतित कुछ न्यूज़ साइट्स भी
जो लड़ रहे है बलात्कारी मानसिकता से भी.

सुनो लड़कियों,
तुम्हारी लड़ाई है, तुम्हे ही बोलना है.
कोई नहीं बोलेगा- सिर्फ तुम ही बोलोगी.
मेरा दिल ♥ बोलने लिखने वाली लड़कियों के नाम.

एक्टीविस्ट श्वेता यादव का फेसबुक वॉल देखिए- जहां से ये अभियान शुरू हुआ- 

सुबह पांच बजकर 58 मिनट पर पांच जून को 

तस्वीर आपको वाहियात लग सकती है और इसके लिए आप मुझे सलाह से लेकर गालियों तक से नवाज़ सकते हैं … लेकिन रुकिए ये तस्वीर मेरी खींची हुई नहीं है और ना ही यह सिर्फ तस्वीर है। जी हाँ यह ऐश ट्रे है जिसे आपका प्यारा Amazon.in बेच रहा है पूरे बेशर्मी से… यह तस्वीर मुझे शिल्पी शिल्पी की वाल से मिली। एक बार मन हिचका थोड़ी शर्म भी आई सोचा देखकर अनदेखा कर दूँ लेकिन कर नहीं सकी तो नतीजन लिख रही हूँ।

अब सोचिये कितनी घटिया मानसिकता होगी उस आदमी की जिसने स्त्री की योनी में सिगरेट बुझाने की सोची? उसकी कुंठा का अंदाजा लगाइये। क्या वह उस बलात्कारी की सोच से जरा भी अलग है जो रेप करने के बाद रॉड किसी महिला की योनि में घुसेड़ देताहै? उसकी सोच कितनी उस आदमी से या सड़क चलते मनचले से अलग है जो सड़क चलती लड़कियों को कपड़े के ऊपर से भी चीर- फाड़ कर रख देते हैं और लड़की को बराबर यह अहसास दिला जाते हैं कि आखिर वह घर से बाहर निकली ही क्यों?

अब अमेजन से अगर कोई डेटा मिले तो वह भी निकलवाइए, यकीन मानिए अब तक का सबसे ज्यादा बिकने वाला ऐश ट्रे निकले तो मुझे बहुत आश्चर्य नहीं होगा। अब इतना कह दिया तो लगे हाथ एक बात और भी बता दूँ। ट्रे का दाम देख लीजिये आपको अंदाजा हो जाएगा की इसे खरीदने वाले कौन होंगे? कोफ़्त होती जा रही है इस दुनिया से… यह समाज औरतों के प्रति मानसिक बीमारों का हैं …. आप माने या नहीं पर हकीकत यही है सबसे महत्वपूर्ण बात अमेजन पूरे शान से इसे खुलेआम बेच रहा है। एक अपील है आप सब दोस्तों से हो सके तो इस पोस्ट को शेयर करिये ताकि अमेजन पर दबाव बने और वह इस प्रोडक्ट को बेचना बन्द करे

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सुबह 11 बजे पांच जून को- 

शुक्रिया नेशनल दस्तक, नेशनल जनमत, बीबीसी BBC Hindi , पल पल न्यूज़ , स्त्रीकाल और उन तमाम मीडिया का जिन्होंने मेरी मुहीम और उससे जुड़ी चिंता को न सिर्फ समझा बल्कि प्रमुखता से इसे स्थान भी दिया| मुहीम से जुड़े सभी साथियों का बेहद आभार की वे सब साथ खड़े हुए .. और अमेजन से शिकायत से लेकर तमाम तरह के जतन किये कि ये मुद्दा उठ सके .. वैसे ये तस्वीर अभी भी अमेजन पर है और प्रोडक्ट बिक रहा है.. अमेजन ने वादा किया है कि वे इसे जल्द ही हटा लेंगे… अगर अमेजन ऐसा नहीं करता है तो अभी तो मुहीम सिर्फ सोशल मीडिया पर छेड़ी है आगे इसे कोर्ट तक भी लेकर जाउंगी… जब तक यह प्रोडक्ट अमेजन से हट नहीं जाता मेरी लड़ाई जारी रहेगी .. संघर्ष के तमाम साथियों से यह उम्मीद है कि वह आगे भी मेरा इसी तरह साथ देंगे

फाइनली एक बजे- 6 जून 

चारो तरफ से दिल ही दिल बरस रहे हैं यकीन जानिये मन इतना खुश है कि बता नहीं सकती..कल जब लिखा था अमेजन के विरुद्ध तो मन में बहुत आक्रोश था.. सोच लिया था हटाना तो होगा ही अमेजन को लेकिन वह सोशल मीडिया की एक मुहीम से हो जाएगा ये नहीं सोचा था.. सब ऐसे साथ आयेंगे सच कहूँ तो ये भी नहीं सोचा था| कल कि मुहीम के दौरान कुछ बातें जो बेहद ख़ास घटी उनका जिक्र जरूरी है.. कल सबने अपनी वाल पर लिखा फिर मैं और गीता Geeta Yatharth बात करने लगे तो दोनों में ही इस बात की थोड़ी निराशा थी कि अभी तक हटाया नहीं अमेज़न ने प्रोडक्ट लग रहा लीगल ही जाना होगा..

मैंने गीता से कहा रुको कुछ और भी करती हूँ.. गीता का जवाब था करो..सबसे पहले मैंने इसे टेढ़ी ऊँगली की फेसबुक वाल पर पोस्ट किया क्योंकि अभी हम वेबसाइट के रूप में नहीं हैं। बाद इसके मैंने मैंने तुरंत Dolly Kumar को फोन किया कि मेरी वाल पर एक पोस्ट है और मुझे लगता है यह बहुत ही वाहियात है इसकी खबर बननी चाहिए| उन्होंने कहा रुकिए मैं देखती हूँ.. फ़ोन कट गया|

दो मिनट बाद ही डॉली ने वापस फोन किया और बहुत गुस्से में थी बोली ये तो हद ही हो गई.. अभी खबर लगवाती हूँ… इसका जिक्र इसलिए जरूरी है क्योंकि नेशनल दस्तक पहला मीडिया था जिसने इस खबर को सबसे पहले चलाया.. इसलिए शुक्रिया डॉली जी शुक्रिया नेशनल दस्तक… दूसरा फोन Sobran Kabir Yadav को किया नेशनल जनमत के लिए.. उन्होंने भी तुरंत संज्ञान लिया.. फिर बीबीसी और मेरी प्यारी दोस्त Khushboo Akhtar ने पल पल न्यूज़ में खबर लगाईं … ..

ये बातें इसलिए लिखना जरूरी लगा कि अगर सब साथ खड़े हों तो लड़ाई न सिर्फ आसान होती है बल्कि जीत सुनिश्चित | फिलहाल अमेजन ने प्रोडक्ट हटा लिया है| शुक्रिया उन सभी लड़कियों का जो मैं और तुम से हम बनी ♥|

 

 

 

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