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सामाजिक न्याय के योद्धा लालू यादव के ठिकानों पर पीएम मोदी ने डलवा ही दिए छापे !

पटना, नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो

बीते कुछ दिनों की खबरें देखें तो राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव अपने पूरे तेवर में हैं. केन्द्र सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए वे लगातार पिछड़ों,आदिवासियों और दलितों कों उनकी आबादी के हिसाब से हिस्सेदारी देने की बात कर रहे हैं. इतना ही नहीं बीते दिनों उन्होंने शंकराचार्य के पद पर भी दलितों और पिछड़ों के लिए आरक्षण लागू करने की बात करके बीजेपी और सहयोगी संगठनों के खेमें में हलचल पैदा कर दी थी. परिणाम सामने है लालू यादव के हमलों से परेशान पीएम मोदी ने सत्ता का इस्तेमाल किया और लालू यादव के ठिकानों पर छापेमारी के लिए भेज दिया इनकम टैक्स विभाग को.

बीजेपी ने लगाया बेनामी संपत्ति का आरोप-

बीजेपी का आरोप है कि लालू यादव के पास 1000 करोड़ रूपए की बेनामी सम्पत्ति है. इसी सम्पत्ति की खोज में आयकर विभाग दिल्ली औऱ पटना में छापेमारी कर रहा है. लालू यादव के साथ ही उनके करीबियों के यहां भी छापेमारी की गई. इन ठिकानों में उनकी पार्टी के राज्यसभा सांसद प्रेमचंद गुप्ता (पीसी गुप्ता) का घर भी शामिल है. इनकम टैक्स विभाग ने छापेमारी ऐसे समय में की जब बीजेपी ने लालू यादव और उनके बेटों के जमीन सौदे में शामिल होने का आरोप लगाया है. 12 मई को केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने केंद्र सरकार से कथित लैंड डील में जांच की मांग की थी. राजद नेताओं का मानना है कि उनके खिलाफ आयकर विभाग के छापे राजनीति से प्रेरित हैं.

राजद नेताओं ने कहा छापे राजनीतिक भय से प्रेरित-

राजद नेता रघुवंश प्रसाद सिंह का कहना है कि आयकर विभाग के छापे राजनीति से प्रेरित हैं. भारतीय जनता पार्टी विरोध और बदले की राजनीति पर उतर आई है और लालू यादव के खिलाफ आयकर विभाग का गलत इस्तेमाल कर रही है. भाजपा को लगता है कि लालू यादव जब तक बिहार की राजनीति में हैं तब तक बिहार में भाजपा अपनी जड़ें नहीं जमा सकती. वहीं जेडीयू के नेता भी स्वीकार करते हैं कि लालू यादव 2019 के लोकसभा चुनाव में पीएम पद के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नाम आगे करने के लिए कई राजनीतिक दलों के साथ बात चीत कर रहे थे. लालू यादव की इसी रणनीति से भयभीत होकर भाजपा ने लालू यादव को घेरने के लिए आयकर विभाग का सहारा लिया है.

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