You are here

सोशल मीडिया पर सक्रिय महिला शक्ति से हारी अमेजन इंडिया, स्त्री विरोधी प्रोडक्ट हटाया

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो।

अमेज़न इंडिया ने अपनी साइट पर एक प्रोडक्ट रिलीज़ किया था. प्रोडक्ट क्या रिलीज किया था, निहायत ही घटिया स्तर की मार्केटिंग तकनीकि का इस्तेमाल किया था. जिसे लेकर देश की महिलाओं में काफ़ी गुस्सा है और इस गुस्से को सोशल मीडिया पर निकाला भी. बहरहाल अब महिलाओं की सांझा कोशिश रंग लााई है और अमेजन इंडिया ने अपनना वो स्त्रीविरोधी प्रोडक्ट हटा लिया है.

श्वेता यादव अपनी फेसबुक वॉल पर लिखती हैं-

चारो तरफ से दिल ही दिल बरस रहे हैं यकीन जानिये मन इतना खुश है कि बता नहीं सकती..कल जब लिखा था अमेजन के विरुद्ध तो मन में बहुत आक्रोश था.. सोच लिया था हटाना तो होगा ही अमेजन को लेकिन वह सोशल मीडिया की एक मुहीम से हो जाएगा ये नहीं सोचा था.. सब ऐसे साथ आयेंगे सच कहूँ तो ये भी नहीं सोचा था| कल कि मुहीम के दौरान कुछ बातें जो बेहद ख़ास घटी उनका जिक्र जरूरी है.. कल सबने अपनी वाल पर लिखा फिर मैं और गीता Geeta Yatharth बात करने लगे तो दोनों में ही इस बात की थोड़ी निराशा थी कि अभी तक हटाया नहीं अमेज़न ने प्रोडक्ट लग रहा लीगल ही जाना होगा.. मैंने गीता से कहा रुको कुछ और भी करती हूँ.. गीता का जवाब था करो.. मैंने तुरंत Dolly Kumar को फोन किया कि मेरी वाल पर एक पोस्ट है और मुझे लगता है यह बहुत ही वाहियात है इसकी खबर बननी चाहिए| उन्होंने कहा रुकिए मैं देखती हूँ.. फ़ोन कट गया| दो मिनट बाद ही डॉली ने वापस फोन किया और बहुत गुस्से में थी बोली ये तो हद ही हो गई.. अभी खबर लगवाती हूँ… इसका जिक्र इसलिए जरूरी है क्योंकि नेशनल दस्तक पहला मीडिया था जिसने इस खबर को सबसे पहले चलाया.. इसलिए शुक्रिया डॉली जी शुक्रिया नेशनल दस्तक… दूसरा फोन Sobran Kabir Yadav को किया नेशनल जनमत के लिए.. उन्होंने भी तुरंत संज्ञान लिया.. फिर बीबीसी और मेरी प्यारी दोस्त Khushboo Akhtar ने पल पल न्यूज़ में खबर लगाईं … स्त्रीकाल के सम्पादक Sanjeev Chandan सर ने तुरंत संज्ञान लिया और नतीजा खबर स्त्रीकाल में तमाम पहलुओं के साथ आई .. ये बातें इसलिए लिखना जरूरी लगा कि अगर सब साथ खड़े हों तो लड़ाई न सिर्फ आसान होती है बल्कि जीत सुनिश्चित | फिलहाल अमेजन ने प्रोडक्ट हटा लिया है| शुक्रिया उन सभी लड़कियों का जो मैं और तुम से हम बनी ♥| शुक्रिया उन तमाम पुरुष साथियों का जो सब काम छोड़ कर हमारे साथ लड़ाई में साथ बने रहे| शुक्रिया सभी मीडिया का जिन्होंने इसे खबर बनाई| और अंत में खुश होइए और अमेजन का ये मैसेज देखिये

Hello sweta,
Greetings from Amazon support.
I would like to assure you that you wont face such issues again in future.
Thanks for your feedback really appreciate it.
We value your patronage with us and look forward to seeing you soon.
Have a great day ahead!
Please use the survey below to tell us about your experience today.
Warmest regards,
Abhishek

बेहद ही घटिया सोच की ऐस ट्रे है ये-

प्रोडक्ट का नाम है ‘ट्राईपोलर क्रिएटिव टेबलटॉप ऐश-ट्रे’. कंपनी के मुताबिक़, यह एक डेकोरेशन आइटम है यानी इसे सजावट के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. ऐश-ट्रे में एक नग्न महिला को टब के ऊपर लेटा हुआ दिखाया गया है.

केन्द्र सरकार में सूचना अधिकारी गीता यादव लिखतीं हैं कि-

ये बलात्कार को बढ़ावा नहीं है तो क्या है??
हर घंटे बलात्कार होते है,
सिर्फ बलात्कार नहीं होते,
होती है चीरा फाड़ी लड़कियों के शरीर की,
स्तन काटे जाते है,
वेजाइना में घोंप दिए जाते है,
कांच, लोहे की रोड,
कंकर पत्थर के टुकड़े.,
शराब की टूटी बोतले,
मारने के बाद
जला देते है चेहरा,
ताकि कोई पहचान ना पाए,
उस देश का बाजार आपको मानसिक संतुष्टि देना चाहता है,
आप असलियत में ये सब नहीं कर पा रहे हो तो,
ऐशट्रे पर ही कर लीजिये,
जलती हुई सिगरेट मेटल की वेजाइना में बुझाइये,
और खुश होइए,
ये सोचकर के किसी औरत के शरीर को जला दिया.
(बाज़ार का ये रूप, और अमेज़न घिन्न हो रही है तुमसे.)

फ़ेसबुक पर रीवा सिंह ने अमेज़न के नाम एक ‘खुला खत’ लिखा है. रीवा उसमें लिखती हैं, “डियर अमेज़न, मुझे उम्मीद है कि आपकी टीम इस उत्पाद को एक मॉडल के तौर और आपके वरिष्ठ अफ़सर इसे अपनी साइट पर उतारते वक़्त होश में रहे होंगे. लेकिन आपकी रचनात्मकता ने हमारे पास कोई विकल्प नहीं छोड़ा है.”

‘रॉड, तेज़ाब के बाद अब सिगरेट’
फ़ेसबुक यूज़र शिल्पी ने लिखा है, “लो भई! अब औरत के गुप्तांग में सिगरेट भी बुझाई जा सकती है. अभी तक रॉड, तेज़ाब, मोमबत्ती और न जाने क्या-क्या डाला गया. लेकिन यह नई सुविधा उपलब्ध करवाई है अमेज़न ने.”

फ़ेसबुक यूज़र प्रीति कुसुम के मुताबिक़ अमेज़न ने इस उत्पाद को अपने ‘क्रिएटिव’ सेक्शन में भी जगह दी है. उन्होंने अपना गुस्सा ज़ाहिर करते हुए फ़ेसबुक पर लिखा, “ये क्रिएटिविटी है. #Amazon की साइट पर बिक रहा यह ऐश-ट्रे, इस देश की बलात्कारी मानसिकता का जीता जागता उदाहरण है.”

सोशल मीडिया पर चल रहा है अभियान-

गीता यथार्थ और रीवा सिंह जैसी जागरूक महिलाओँ ने फेसबुक पर अभियान चलाया हुआ है…उनका साफ कहना है कि सिर्फ इन प्रोडक्ट को हटाना ही काफी नहीं होगा. अमेजन इंडिया को इस पुरुषवादी घटिया मानसिकता के लिए देश की महिलाओं से माफी भी मांगनी होगी.

FacebookTwitterGoogle+

Related posts

Share
Share