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जानलेवा स्वच्छता: शौच कर रही महिला की फोटो लेने से रोका तो समाजसेवी जफरखान की पीट-पीट कर हत्या

नई दिल्ली/जयपुर। नेशनल जनमत ब्यूरो

राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में खुले में शौच करने गई महिला की फोटो लेने को लेकर विवाद इतना बढ़ा निगम कर्मियों ने समाजसेवी और श्रमिक संगठन के नेता जफर खान को ही पीट-पीट कर मार डाला. दरअसल राजस्थान सरकार के खुले में शौच को रोकने और नहीं रुकनेवाले को शेम (लज्जित) करने का अभियान चल रहा है. लेकिन स्वच्छता के लिए आप किसी की जान ले लें इसको कैसे जायज ठहराया जा सकता है. सोशल मीडिया में राजस्थान सरकार के इस कदम की कड़ी आलोचना हो रही है.

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राजस्थान के प्रतापगढ़ की घटना- 

मृतक जफर खान की तस्वीर

राजस्थान का प्रतापगढ़ जिला शुक्रवार को एक दर्दनाक घटना से सिहर उठा. घटना से जिले भर में सनसनी फ़ैल गई. यहां प्रतापगढ़ नगरपरिषद की स्वच्छ भारत मिशन टीम ने पहले एक महिला का शौच करते हुए आपत्तिजनक फोटो ले लिया. कच्ची बस्ती वालों ने विरोध किया तो दोनों तरफ से मारपीट शुरू हो गई.

दरअसल शुक्रवार की सुबह प्रतापगढ़ शहर की कच्ची बस्ती में नगरपरिषद की स्वच्छ भारत मिशन की टीम मॉर्निंग फॉलो-अप कर रही थी. इस दौरान खुले में शौच करने वालों को रोका जाने का काम किया जाता है. टीम ने सुबह एक महिला को खुले में शौच करते देखा तो टीम के लोगों ने उसके शौच करते हुए फोटो ले लिए और फिर लज्जित करने लगे.

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विवाद बढ़ा तो इस बात की भनक समाज सेवी और श्रमिक संगठन के नेता 50 वर्षीय जफ़र खान को लगी, तो वो टीम का विरोध करने पहुंच गए. जफ़र और टीम के बीच खूब कहासुनी हुई और फिर ये कहासुनी मारपीट में बदल गई. धीरे-धीरे विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया. फिर स्वच्छ भारत मिशन की टीम ने जफ़र खान को इतना पीटा कि जफर की मौत हो गई. जफ़र को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन अफ़सोस जफर नहीं बच सके.

शहर में तनाव की स्थिति पैदा हो गई- 

बात यहीं नहीं थमी, जफ़र की मौत के बाद मामले में तूल पकड़ लिया और शहर भर में तनाव की स्थिति पैदा हो गई. जिला चिकित्सालय में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और नगरपरिषद आयुक्त अशोक जैन समेत चार की गिरफ़्तारी की मांग पर अड़ गए. इसी बीच महिलाओं ने नेशनल हाईवे 113को जाम भी कर दिया. कई घंटों तक विवाद चलता रहा. अस्पताल में भी हंगामा होता रहा. लोगों ने नगरपरिषद से लगाकर सभापति के घर तक हंगामा किया. शहर के कई चौराहों पर हंगामे और प्रदर्शन होने लगे. इसी बीच पुलिस की भी नींद उड़ गई, पूरा शहर मानों छावनी में बदल गया.

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स्वच्छ भारत मिशन की टीम पर केस दर्ज- 

इसके बाद जिले के एडिशनल कलेक्टर हेमेन्द्र नागर, एडिशनल एसपी रतन लाल भार्गव, थानाधिकारी मांगीलाल विश्नोई और जिला मुख्य कार्यकारी अधिकारी वृद्धि चंद गर्ग ने लोगों को शांत करने की कोशिश की. घंटों बातचीत के बाद मामला शांत हुआ और परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम करने दिया.

इस दौरान गुस्साए लोगों ने नगरपरिषद सभापति कमलेश डोसी, आयुक्त अशोक जैन के खिलाफ खूब नारेबाजी की. अतिरिक्त जिला कलेक्टर हेमेंद्र नागर ने बताया कि पुलिस ने आयुक्त और स्वच्छ भारत मिशन के टीम के तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और कार्रवाई शुरू कर दी है.

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