You are here

दक्षिण अफ्रीका से गोल्ड मेडल जीतकर भारत लौटीं निधि पटेल का दिल्ली में सम्मान समारोह आज शाम

मेडल क्वीन व गोल्डेन गर्ल के नाम से मशहूर, यूपी की शान, पूर्वांचल के मिर्जापुर की बेटी निधि सिंह पटेल ने दक्षिण अफ्रीका के पाॅचेफस्ट्रम में 10 से 17 सितम्बर तक चली कॉमनवेल्थ पॉवरलिफ्टिंग चैम्पियनशिप में भाग भारत की झोली में स्वर्ण पदक डाला था। निधि दक्षिण अफ्रीका से गोल्ड मेडल जीतकर आज यानि 20 सिंतबर को दिल्ली पहुंच रही हैं। इस मौके पर उनका सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।

कार्यक्रम का आयोजन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सत्येन्द्र सिंह पटेल ने बताया कि निधि सिंह पटेल के सम्मान में जन्तर-मन्तर स्थित जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय कार्यालय पर शाम चार बजे से एक सम्मान समारोह सामाजिक साथियों द्वारा रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का सीधे तौर पर पार्टी से कोई लेना देना नहीं है। पार्टी ने एक खिलाड़ी के सम्मान के लिए साथियों के अनुरोध पर अपना कार्यालय उपलब्ध करा दिया है।

सम्मान समारोह में निधि को सम्मानित करने के साथ ही निधि की भविष्य की तैयारियों और यूपी सरकार से निधि के लिए आर्थिक सहयोग की बात भी प्रमुखता से उठाई जाएगी।

मेजबान देश को ही हरा दिया निधि ने- 

निधि सिंह पटेल ने 57 किलोग्राम भार वर्ग में अपनी प्रतिद्वंदी मेजबान देश दक्षिण अफ्रीका की खिलाड़ी को मात देते हुए 85 किलोग्राम भार उठा कर स्वर्ण पदक पर कब्जा कर किया था।

निधि दूसरे राउंड में 2.5 किलो से पीछे थीं। लेकिन तीसरे राउंड में दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ी को 5 किग्रा. से मात देकर स्वर्ण पदक अपने देश के नाम कर लिया। निधि का स्वास्थ्य खराब होने के कारण निधि का वजन 61 किग्रा. हो गया था। लेकिन तीन दिन में ही निधि ने 5 किग्रा. वजन कम करके 56 किग्रा कर लिया था।

यूपी के मिर्जापुर की हैं निधि सिंह पटेल- 

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के चुनार तहसील के छोटे से गांव पचेवरा से निकल कर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेल की दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाली व गोल्डेन गर्ल के नाम से प्रसिद्ध खिलाड़ी निधि सिंह पटेल फिर से विदेशी धरती पर दम खम दिखा चुकी है।

फोटो- निधि सिंह पटेल और कोच कमलापति

हर बार चंदा मांगकर ही जाना पड़ता है विदेश- 

इन सब के बावजूद निधि के कोच और परिवार वाले इस बात को लेकर चिंतित हैं कि प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए हर बार लाखों रुपये अभ्यास शिविर से पहले जमा करने होते हैं। 7 स्वर्ण, दो सिल्वर और एक ब्रांज मेडल जीतने वाली निधि की तंगी ने आज तक पीछा नहीं छोड़ा है।

हर प्रतियोगिता के पहले निधि पटेल के सामने आर्थिक तंगी मुंह बाए खड़ी हो जाती है। कभी समाज के अधिकारी तो कभी व्यापारी वर्ग तो कभी आपस में चंदा जुटाकर ही निधि को विदेश भेजा जाता है। कई बार गुहार लगाने और आश्वासन मिलने के बाद भी प्रदेश सरकार से निधि सिंह पटेल को कोई सहयोग नहीं मिला।

फोटो-  दैनिक जागण नई दिल्ली में प्रकाशित खबर

किसी सरकार से कोई सहयोग नहीं मिला- 

निधि पटेल ने बताया कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुखिया अखिलेश यादव के समय में कई बार मेडल जीतनेके बाद भी निधि सिंह पटेल को ना कभी सम्मानित किया ना ही कोई सहयोग दिया। जबकि अन्य प्रदेशों में खिलाड़ियों को सम्मान भी मिलता है और पैसा भी।

निधि कहती हैं कि गरीबी के कारण मुझे यश भारती पुरस्कार से वंचित होना पड़ा। मेरे पिता शंकर सिंह पटेल प्राइमरी स्कूल में चतुर्थ श्रेणी पर कार्यरत है। इसलिए पैसे के अभाव में पत्थर का वजन बनाकर मैंने प्रेक्टिस करनी शुरू की थी। लेकिन जहां कहीं भी मुझे भाग लेने का मौका मिला मैंने देश के लिए कोई न कोई पदक जरूर हासिल किया।

कच्चे मकान में रखे हैं दो दर्जन से अधिक पदक- 

 

दो दर्जन से अधिक पदक और प्रशस्ति पत्र तथा गोल्ड व रजत मेडल उसके कच्चे मकान में रखे हैं।

1- फिलिपीन्स 2010 की राजधानी मनिला मे एशिया बेन्च प्रेस पावरलिफ्टिगं में 52 Kg भार वर्ग में रजत पदक

2- अगस्त 2011 में एशिया बेन्च प्रेस पावरलिफ्टिगं ताईवान में 57 Kg भार वर्ग में कांस्य पदक

3- पुनः 2011 दिसंबर में पावरलिफ्टिगं कामनवेल्थ लंदन में 57 Kg भार वर्ग में पांच स्वर्ण पदक

4- जुलाई 2015 में एशिया सीनियर महिला पावरलिफ्टिगं चैम्पियनशिप हांगकांग में 57 Kg भार वर्ग में कास्यं पदक

5- पुनः 2015 अक्टूबर में ओमान में एशिया बेन्च प्रेस पावरलिफ्टिंग चैम्पियनशिप में 57 Kg भार वर्ग में स्वर्ण पदक और एशिया की सबसे   शक्तिशाली महिला की उपाधि इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर भी कई स्वर्ण पदक के साथ कई बार भारत की सबसे शक्तिशाली महिला की उपाधि का खिताब मिला

6- अक्टूबर 14 से 20 2016 एशियन बेंच प्रेस पावरलिफ्टिंग उज़्बेकिस्तान में रजत पदक ।

7-– नवम्बर 13 से 19 2016 वर्ल्डकप में प्रतिभाग किया।

8-– जनवरी 2017 में एशिया पावरलिफ्टिग जमशेदपुर में तीन स्वर्ण पदक एवं तीनों में स्ट्रांग वूमेनआफ इन्डिया का ख़िताब मिला |

9-– सितम्बर 10 से 16 तक कामनवेल्थ दक्षिण अफ्रीका में अभी तक एक स्वर्ण पदक

इसके अलावा राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर देश में दर्जनों पदक हासिल किए हैं।

JDU शरद गुट का ऐलान, गुजरात में BJP को रोकने के लिए देंगे कांग्रेस, लेफ्ट और हार्दिक पटेल का साथ

सुलह के आसार खत्म, जल्द ही मुलायम-शिवपाल करेंगे नई पार्टी की घोषणा !

आरक्षण का लाभ लेने वाले पिछड़े, क्षत्रिय बनकर, मनुवादियों के खिलाफ संघर्ष को कमजोर कर रहे हैं

ब्रिटेन में बोले नोबेल प्राप्त वैज्ञानिक, मांस की राजनीति छोड़ विज्ञान-तकनीक पर ध्यान दे मोदी सरकार

पूर्व DGP का सनसनीखेज खुलासा, चारा घोटाले में लालू यादव को साजिशन फंसाया गया !

Related posts

Share
Share