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मोदीराज में सबसे बड़ा खतरा द्रविड़नाडु ‘, दक्षिण भारत से फिर उठी अलग देश की मांग

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो

दक्षिण भारत के चार राज्य मांग रहे हैं भारत से आजादी. दक्षिण भारत के लोगों का कहना है कि अगर ब्राह्मणवादी परम्पराओं से देश चलाना है तो हमें आजाद कर दो. द्रविडनाडु शब्द और द्रविड़नाडु राज्य की मांग वैसे तो व्राह्मणवादियों के खिलाफ पेरियार रामास्वामी नायकर ने की थी. लेकिन अब मोदी राज में एक बार फिर ये शब्द चर्चा में है.

दरअसल द्रविड़नाडु शब्द इस समय ट्विटर पर जबरदस्त ट्रेंड कर रहा है. बता दें कि तमिलनाडु, केरल, आंध्रप्रदेश और कर्नाटक के लोग काफी समय से अलग देश की मांग करते रहे हैं. लोगों का कहना है कि अगर मोदी सरकार लोगों के खान-पान और अन्य सांस्कृतिक मामलों में हस्तक्षेप करती है तो फिर हमें इस देश से अलग कर दिया जाए. इस बात से सवाल उठना लाजिमी है कि क्या वाकई बीजेपी सरकार को मिलाजुलाकर देश चलाना नही आता.

अचानक से क्यों ट्रेंड होने लगा द्रविड़नाडु

दरअसल दक्षिण भारतीय लोगों ने मोदी की अगुवाई वाली भाजपा सरकार पर ब्राह्मणवाद को भी फैलाने का आरोप लगाया है. दक्षिण भारत के लोग मुख्यता तीन कारणों से नाराज बताए जा रहे हैं.

1- पहला कारण ये है कि मोदी सरकार लोगों के खान-पान को निर्देशित कर रही है. बता दें कि दक्षिण भारत में बीफ खाया जाता है और उत्तर भारत में भाजपा के लोग इसे चुनावी मुद्दा बना रहे हैं. यहां बीफ खाने पर भाजपा से जुड़े लोगों ने अखलाक नामक एक व्यक्ति की जान भी ले ली.
2- दूसरा कारण ये भी है कि दक्षिण भारत के लोग जस्टिस कर्णन को अपमानित करने के मामले में भी उत्तर भारतीय जजों के रवैये से दुखी हैं. उनका मानना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले जस्टिस कर्णन को उत्तर भारत के जजों ने परेशान किया है.
3- तीसरा मामला जंतर- मंतर पर आंदोलन करने वाले तमिल किसानों से जुड़ा है. दक्षिण भारत के लोगों में ये संदेश जा रहा है कि पेरियार के आंदोलन से चिढ़ने वाले उत्तर भारत के ब्राह्मणवादी लोग तमिल किसानों की मांग को लेकर जानबूझकर आंखे मूंदे हुए हैं.

ब्राम्हणवाद के खिलाफ अलग राज की मांग थी द्रविड़नाडु –

इन तीन मुख्य बातों से दक्षिण भारत के लोगों का उत्तर भारत के ब्राह्मणवादी लोगों और उत्तर भारत की अगुआई वाली केन्द्र की ब्राह्मणवादी सरकार से विश्वास उठ गया है. और यही कारण है कि आज सोशल मीडिया पर द्रविड़नाडु ट्रेंड कर रहा है. पेरियार रामास्वामी की जस्टिस पार्टी का आंदोलन द्रविड़नाडु इसी ब्राह्मणवादी व्यवस्था के खिलाफ अलग राज्य की मांग को लेकर था, जहां द्रविड़ सम्मान से जी सकें.

सोशल मीडिया पर लोग मोदी सरकार पर आरोप लगा रहे हैं कि मोदी सरकार ने देश को नेहरू युग में पहुंचा दिया है. 1947 में भारत को एक रखना बड़ी चुनौती थी. सारे राज्य अपना अलग देश बना सकते थे. पर सरदार पटेल के प्रयासों से देश एकजुट रहा. अब एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं कि क्या मोदी पूरे देश को एकसाथ ले चलने में सक्षम नहीं हैं.

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