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सपा के समय में उ.प्र. को कुत्ता प्रदेश कहने वाले IAS सूर्य प्रताप के घर पर भगवाधारियों का हमला

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो

अखिलेश यादव के समय में उत्तर प्रदेश को कुत्ता प्रदेश कहने वाले पूर्व आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह के घर पर देर रात कुछ भगवाधारियों ने हमला बोल दिया है. फेसबुक पर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने लिखा कि पूर्व सरकार में ये होता तो मुझे दुख नहीं होता. लेकिन वर्तमान सरकार बनवाने में कहीं न कहीं मेरा भी रोल है. इसके बाद भी अधिकारियों ने मेरे फोन नहीं उठाए.

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अपने वॉल पर सूर्य प्रताप सिंह ने लिखा कि २९ मई को एक माफ़िया, गौरव उपाध्याय, पूर्व विधायक (शिव सेना) व हिंदू युवा महासभा के स्वयंभु अध्यक्ष की ‘बाहुबली’ लिखी गाड़ियों के मैंने फ़ोटो लिए थे। उनके गुर्गों ने मेरी गाड़ी रोक कर फ़ोटो खिंचने पर आपत्ति की थी और आक्रोश जताया था। क्या इन लोगों का हाथ है ?

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पढ़िए आखिर क्या लिखा सूर्य प्रताप सिंह ने-

मुझे मार के क्या मिलेगा, किसी को !

कल रात मेरे घर पर हथियारधारी गुंडों ने दो बार धावा बोला… शराब के नशे में धुत्त भगवा गमछाधारी, राइफ़ल व बंदूक़ों के साथ, अराजक तत्वों ने रात १०.३० बजे और फिर रात १.३० बजे हमला करने की कोशिश की। पुलिस के उच्च अधिकारियों ने भी फ़ोन नहीं उठाये।

पूर्व सरकार में ये होता तो मुझे दुःख नहीं होता। वर्तमान सरकार को बनवाने में कहीं न कहीं हम सब का भी role है। दुःख इस बात का है कि योगी सरकार में भी मेरे जैसे पूर्व आईएएस अधिकारी के साथ यह सब हो रहा है।

२९ मई को एक माफ़िया, गौरव उपाध्याय, पूर्व विधायक (शिव सेना) व हिंदू युवा महासभा के स्वयंभु अध्यक्ष की ‘बाहुबली’ लिखी गाड़ियों के मैंने फ़ोटो लिए थे। उनके गुर्गों ने मेरी गाड़ी रोक कर फ़ोटो खिंचने पर आपत्ति की थी और आक्रोश जताया था। क्या इन लोगों का हाथ है ?

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या फिर जिन भ्रष्ट अधिकारियों/ नेताओं/इंजिनीयर्स/माफ़िया के घोटाले, मैंने उठाए हैं,उनका हाथ है? ये तो पुलिस जाँच से ही पता चलेगा। मैंने FIR दर्ज करा दी है।

क्या सच का साथ देना …..भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाना कोई अपराध है ? क्या जिस की लाठी उसकी भैंस वाली बात ही चलेगी उ.प्र. में, चाहे कोई भी सरकार आ जाए ?

ठीक है, यदि मुझे मार के भृष्टाचारियों का काम चल जाता है, तो मार लो ! मेरे बच्चे/परिवार को ऊपर वाला देख लेगा।

कौन हैं सूर्य प्रताप सिंह?

सूर्य प्रताप सिंह कई वर्ष विदेश में बिता कर कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश लौटे थे। वे ‘स्टडी लीव’ पर थे। बीजेपी और संघ के करीबी माने जाने वाले सूर्य प्रताप को लौटने पर अखिलेश यादव सरकार ने प्रदेश के औद्योगिक विकास का जिम्मा दे दिया। फिर सूर्य को वेटिंग लिस्ट में डाल दिया गया। बाद में माध्यमिक शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव बने। वहां हटा दिए गए।

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उसके बाद से सूर्य प्रताप ने सरकार के विरोध में विभिन्न मुद्दों पर मोर्चा खोल दिया. डॉ. सूर्य प्रताप सिंह बुलंदशहर के रहने वाले हैं. सिंह इस वक्त प्रमुख सचिव सार्वजनिक उद्यम के पद पर काम कर रहे हैं। अखिलेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले पूर्व आईएएस ने  प्रेस क्लब आफ इंडिया, दिल्ली में जगेंद्र हत्याकांड को लेकर दिए गए भाषण में प्रदेश को कुत्ता प्रदेश बोला था.

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