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योगीराज में अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना बना ‘देशद्रोह’ तिरंगा यात्रा निकाल रहे 22 छात्रों को जेल

लखनऊ। नेशनल जनमत ब्यूरो।

सारे देश में भाजपा शासित राज्यों में दलितों-पिछड़ों-मुसलमानों के खिलाफ बढ़ रहे अपराधों के विरोध में बनी ज्वाइंट एक्शन कमेटी के 22 छात्रों को ही योगी सरकार की पुलिस नें 15 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. आपको बता दें कि जबसे यूपी में सीएम योगी की अगुवाई में भाजपा की सरकार बनी है तब से यूपी में दलितों-पिछड़ों और मुसलमानों के खिलाफ अपराध बढ़ते ही जा रहे हैं.

यूपी समेत सारे देश में भाजपा शासित राज्यों में दलितों-पिछड़ों औऱ मुसलमानों के खिलाफ बढ़ते अपराधों के विरोध में ही कल ज्वाइंट एक्शन कमेटी के नेताओं ने लखनऊ स्थित जीपीओ से अम्बेडकर प्रतिमा तक तिरंगा यात्रा निकालने का कार्यक्रम रखा था. अपराध रोकने में नाकाम योगी पुलिस आंदोलनकारियों को पीटने और फिर  गिरफ्तार करके 22 छात्रों को जेल भेजने में ही अपनी पीठ थपथपा रही है.गिरफ्तार करने से पहले पुलिस ने दिलीप यादव , राम करन निर्मल, आमिक जामेई समेत कई आंदोलनकारियों को जमकर पीटा फिर बाद में पुलिस लाइन ले गई और बाद में आंदोलनकारियों को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया.

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आपको बता दें कि यूपी में अपराध को रोकने में नाकाम सीएम योगी की पुलिस अपना सारा गुस्सा कानून व्यवस्था के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों को पीटकर निकाल रही है. जब से यूपी में योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में भाजपा की सरकार बनी है तब से यूपी में अपराधों की बाढ़ आ गई है. यहां तक कि सीएम योगी का अपना जिला भी अपराधियों से सुरक्षित नहीं है.

पिछले दिनों वाराणसी में एक 6 साल की विकलांग लड़की से बलात्कार किया गया. नट समुदाय की इस गरीब दलित लड़की को योगी के राज में बीएचयू के डॉक्टरों ने भी पैसे के अभाव में अस्पताल से निकाल दिया. अब ये गरीब लोग सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं पर कोई सुनने वाला नहीं है. इसी तरह प्रदेश के अन्य जिलों में अपराधों की बाढ़ सी आ गई है.

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योगी सरकार में हो रहे अपराधों के विरोध में ज्वाइंट एक्शन कमेटी कर रही है विरोध प्रदर्शन

योगी सरकार के दौरान पूरे प्रदेश में हो रहे अपराधों के विरोध में ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने जीपीओ स्थित गांधी स्टेच्यू से लेकर मध्य लखनऊ में लगी बाबा साहब अम्बेडकर की प्रतिमा तक तिरंगा यात्रा करने का निर्णय लिया था. सुबह करीब 10 बजे के आस-पास सैकड़ों की संख्या में छात्र, नौजवान और शहर के आंदोलनकारी एक्टिविस्ट जमा होने लगे. पुलिस को भी ज्वाइंट एक्शन कमेटी के इस कार्यक्रम की भनक लग चुकी थी. पुलिस भी भारी संख्या में आंदोलन स्थल पर पहले ही इकट्ठी हो चुकी थी. जैसे ही आंदोलनकारियों ने जीपीओं से अमबेडकर प्रतिमा की ओर मार्च किया वैसे ही पुलिस ने बैरिकेटिंग करके आंदोलनकारियों का रास्ता रोक दिया.

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पुलिस के लाठीचार्ज में कई छात्रनेता घायल

इसके बाद जब आंदोलनकारी सड़क पर ही बैठकर योगी सरकार के विरोध में नारेवाजी करने लगे तो पुलिस ने लाठीचार्ज करके आंदोलनकारियों को तितर-बितर कर दिया. पुलिस के लाठीचार्ज में छात्रनेता दिलीप यादव, राम करन निर्मल और एक्टिविस्ट आमीक जामई समेत दर्जनों प्रदर्शनकारियों को चोट आने की खबर है.

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चार सूत्री मांगो को लेकर निकाली जा रही थी तिरंगा यात्रा- 

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यात्रा मे अम्बेडकर, लोहिया, भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद और फूलन देवी की तश्वीरें दिखीं साथ-साथ

राजनीतिक दलों ने चाहे अपने -अपने महापुरुष भले ही बांट लिए हो पर समाज से दलितों से पिछड़ों के एक साथ एक मंच पर आने की मांग उठने लगी है. अभी तक तो दलितों औऱ पिछड़ो के साथ -साथ आने की बात सिर्फ एक कल्पना प्रतीत होती थी पर अब आंदोलनों में दलित औऱ पिछड़ी जातियों की राजनीति के प्रतीक महापुरुषों की फोटो साथ-साथ आने से माहौल बदलने लगा है. इस तिरंगा यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता ये रही कि इस यात्रा में अम्बेडकर के साथ-साथ लोहिया, फूलन देवी, भगत सिंह और अन्य नेताओं की फोटो साथ – साथ दिखाई दे रही थीं.

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