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तुम सवाल से डरते हो, हमें मौत से डर नहीं… क्या यही वजह है मेरे कत्ल की…

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो नरेंद्र दाभोलकर, कलबुर्गी, पनसारे……. अब गौरी लंकेश। व्यवस्था के नकारेपन के खिलाफ जनता को जागरूक करने वाले लेखकों, पत्रकारों, कलमकारों की आवाज खामोश की जा रही है। इन बेबाक आवाजों का गुनाह सिर्फ इतना है कि ये साम्प्रदायिकता एवं फासीवाद के खिलाफ लिखते थे। आखिर सवाल से इतनी बौखलाहट? सवाल से इतनी झल्लाहट? जम्हूरियत को…

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गौरक्षा के नाम पर जुल्म के शिकार लोगों को समर्पित, क्यों बेजुबान गाय से राजनीति संवारते हो साहेब ?

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो  सवर्णवादी मानसिकता के पोषकों द्वारा ऊना में 4 मज़लूमों के साथ किए गए बर्बरता को वर्ष पूरे गए हैं। इस बर्बरता के बाद दर्जनों दलितों ने प्रदर्शन के दौरान सरकारी जुल्म के खिलाफ आत्महत्या कर ली थी। लेकिन गौरक्षकों की बेशर्मी यूं ही बरकरार है। आज देश में गौ रक्षा के नाम पर गुंडागर्दी इस…

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क्यों PM साहब ! जब ‘एक देश-एक टैक्स’ लागू किया है तो ‘ एक देश- एक जाति’ क्यों नहीं लागू करते ?

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो। 1 जुलाई बीत चुकी है। देश में जीएसटी लागू हो चुका है। अब देश में जीएसटी के नफे-नुकसान को लेकर चर्चा भी चल रही है। सामाजिक चिंतक  भारतीय मूलनिवासी संघ के राष्ट्रीय महासचिव सूरज कुमार बौद्ध ने भी जीएसटी को लेकर अपनी राय देते हुए कहते हैं कि जब देश में एक बाजार एक कर…

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