You are here

गर्व है: किसान की बेटी BHU छात्रा काजल पटेल ने 18 हजार फीट ऊंची लद्दाख की चोटी पर लहरा दिया तिरंगा

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो 

किसान कौम को जब भी मौका मिला है उसने हर काम पूरी शिद्दत से पूरा किया है। अवसर की समानता मिलते ही उसने लद्दाख की चोटी पर जाकर तिरंगा भी फहरा दिया है। जी हां उ.प्र. के मिर्जापुर जिले के किसान की बेटी काजल पटेल ने ये कमाल कर दिखाया है। सोमवार को मिर्जापुर पहुंचने पर बिटिया का भव्य स्वागत किया गया।

एनसीसी कैडेट है काजल- 

मिर्जापुर जिले के जमालपुर ब्लाक के हिनौतीमाफी गांव के साधारण से किसान की एनसीसी कैडेट बिटिया काजल पटेल ने समुद्र तल से 18 हजार फीट ऊंची लद्दाख चोटी पर तिरंगा फहराकर जिले के साथ ही प्रदेश का नाम रोशन किया है। बेटी की इस उपलब्धि पर पूरे गाँव में जश्न का माहौल है।

इसे भी पढ़ें-सरकारी बैंको को खत्म करके बैंकिग सेक्टर की नौकरियों के साथ ही आरक्षण खत्म करेगी मोदी सरकार

पूरे प्रदेश से सिर्फ काजल का चयन- 

काजल के किसान पिता संतराम पटेल गर्व से बताते हैं कि पूरे प्रदेश में सिर्फ उनकी बिटिया को ये मौका मिला था। दरअसल एनसीसी गर्ल्स माउंटेनियरिंग प्रतियोगिता के तहत 18 छात्राओं के दल में उत्तर प्रदेश से बनारस हिन्दू विश्वविघालय के 7 यूपी एयर स्क्वॉड्रन एनसीसी की एकमात्र कैडेट काजल पटेल को शामिल किया गया था

इसे भी पढ़ें-राष्ट्रवाद एक कंपलीट पैकेज है, जो समाज के मुद्दों की राजनीति न कर काल्पनिक प्रतीक खड़े करता है

पूरी तैयारी की थी काजल  ने –

लद्दाख की ऊंची चोटी पर चढ़ने से पहले काजल पटेल ने बीएचयू के विंग कमांडर मानव कुमारिया, जूनियर वारंट ऑफिसर सतीश कुमार व मृत्युंजय कुमार के सानिध्य में पूरी तैयारी कर रखी थी। 10 मई से 16 जुलाई तक के इस अभियान में एक जुलाई को छात्राओं के दल ने लद्दाख की चोटी पर पहुँचकर तिरंगा फहराया था।

बीएचयू एनसीसी की कैडेट- 

मिर्जापुर के सरदार पटेल इंटर कालेज कोलना से  2014 में 12 वीं की परीक्षा पास करने के बाद वर्तमान में वाराणसी के अग्रसेन पीजी कालेज से बीएससी (मैथ) द्वितीय वर्ष की छात्रा है। बीएससी में प्रवेश लेने के समय ही काजल ने बीएचयू के एनसीसी एयरफोर्स ज्वाइन कर लिया था।

काजल जब 2014 में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए गईं तो पहले दिन दौड़ में दूसरा स्थान तथा दूसरे दिन दौड़ में पहला स्थान हासिल किया था। इसी के बाद काजल की प्रतिभा को कॉलेज में भी पहचान लिया गया था।

पढ़ें- दर्जनों मामलो में आरोपी योगी और शिवराज के इस्तीफे की मांग तेज, लोग बोले सफाई का ठेका तेजस्वी ने ले रखा है क्या

बर्फ पिघलाकर पीना पड़ा पानी- 

मिर्जापुर पहुंचने पर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली बिटिया को फूल-मालाओं से लाद गाजे बाजे के साथ गर्मजोशी से स्वागत किया गया। रस्तोगी तालाब से हिनौती गांव के बीच दो किलोमीटर की दूरी में काजल पटेल का लोगों ने जगह-जगह आरती उतारकर स्वागत किया।

काजल ने बताया कि वह 19 जून को 15600 फीट कैंप-एक पर पहुंची थीं। वहां बर्फीली हवाएं व बर्फबारी होने से चार दिन कैंप में ही गुजारना पड़ा। एक टेंट में अठारह छात्राएं रुकी थीं। वहां बर्फ को पिघलाकर पानी पीना पड़ रहा था। रात में ग्लेशियर पिघलने से तेज ठंड लगती थी। लद्दाखी चोटी पर पहुंचने के लिए सबसे पहले काजल पटेल की दस सदस्यीय ग्रुप ए टीम को चुना गया।

उसने सभी बाधाओं को पार करते हुए एक जुलाई को विश्व की ऊंची लद्दाखी चोटी पर पहुंचकर भारतीय झंडे को फहराया।

Related posts

Share
Share