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सुप्रीम कोर्ट से तो इशरत ने जीत ली ट्रिपल तलाक की जंग, अब कट्टरपंथी समाज से कर रही हैं संघर्ष

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

मुस्लिम महिलाआो के हक और हुकूक को लेकर तीन तलाक के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ने वाली इशरत जहां का विरोध उनके ही लोग कर रहे हैं। इशरत जहां को विश्वास था कि सुप्रीम कोर्ट से फैसला आ जाने के बाद मुस्लिम महिलाओं की समस्याएं कम हो जाएगीं लेकिन ऐसा होता दिख नहीं रहा है। सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आने के बाद इशरत का कट्टरपंथी मुस्लिमों द्वारा सामाजिक विरोध किया जा रहा है।

इशरत जहां ने तीन तलाक के ख़िलाफ़ जंग जीत ली है लेकिन अब उनका संघर्ष अपने ही लोगों यानि कट्टरपंथी मुस्लिमों द्वारा शुरू हो गया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की ख़बर के अनुसार, बीते मंगलवार को तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद इशरत के परिजन और उनके रिश्तेदारों ने उनकी आलोचना करना शुरू कर दिया है।

इशरत ने कहा कि फैसले के बाद उनके पड़ोसी उन्हें चरित्रहीन, मुस्लिम पुरुषों की दुश्मन और इस्लाम विरोधी कहते हैं। उन्होंने कहा, इतना ही नहीं लोग मुझे गंदी औरत कहते हैं और पड़ोस के लोगों ने मुझसे बातचीत करना बंद कर दी है।

इशरत जहां हावड़ा के पिलखाना की रहने वाली हैं जो डॉबसन रोड के पास है। ये घर उनके पति ने 2004 शादी में मिले दहेज के चलते खरीदा था। इशरत इसी घर में अपने परिवार के साथ रहती हैं।

वह आगे कहती हैं कि ट्रिपल तलाक पर चली लंबी लडा़ई के बाद वह अपने घर में अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रही हैं। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद मुझ पर ताने मारने वालों की बाढ़ आग गई है। इन लोगों से लड़ने के लिए मेरे पास हिम्मत नहीं मैं अपना सारा ध्यान बच्चों पर दूंगी।

इशरत ने आगे कहा, मेरा मानना है कि हर किसी को अपने अधिकारों के लिए जंग लड़नी चाहिए। इशरत की वकील नाज़िया इलाही खान को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है।

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