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उन्नाव रेप कांड: सत्ता का नशा और CM के स्वजाति होने से मिली ‘ताकत’ का जमकर हुआ दुरुपयोग !

लखनऊ, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

उन्नाव रेप कांड का सच क्या है ये तो नहीं पता लेकिन इतना जरूर पता है कि आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उनके परिवार ने सत्ता की ताकत और मुख्यमंत्री के स्वजाति होने से मिली अघोषित ताकत का जमकर दुरुपयोग किया।

आरोप लगाने वाली युवती के पिता को जेल में ठूंसा गया, स्थानीय मीडिया की खबर के मुताबिक विधायक के भाईयों और गुर्गों द्वारा पिता को बुरी तरह पीटा गया, माखी थाने पहुंचे तो वहां थानाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह थे, बस फिर क्य़ा था युवती के पिता को ही जेल में डाल दिया गया जहां उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

समझिए पूरा खेल- 

उन्नाव ज़िले के बांगरमऊ से भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर पर सामूहिक बलात्कार का आरोप लगाने वाली 18 वर्षीय युवती ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास पर आत्मदाह करने का प्रयास किया था. युवती का आरोप था कि घटना के एक साल होने के बावजूद भी पुलिस विधायक के दबाव के चलते मुकदमा दर्ज नहीं कर रही है.

इसके एक दिन बाद ही आरोप लगाने युवती के पिता की सोमवार सुबह तड़के करीब तीन बजे संदिग्ध हालात में जेल में मौत हो गई. जिसमें थाना प्रभारी समेत 6 पुलिस वालों को सस्पेंड कर दिया गया।

मामला तूल पकड़ता देख पुलिस हरकत में आई. प्रशासन ने इस मामले में थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह समेत 6 पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया. आरोपी भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई लेकिन, उनके 4 समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया गया।

पीड़िता ने विधायक पर जेल में अपने पिता की हत्या कराने का आरोप लगाया इसके बाद मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश भी दे दिये गये हैं।

विधायक के भाई पर पिता को पीटने का आरोप- 

स्थानीय पत्रकारों के अनुसार उन्नाव में करीब 6 दिन पहले किशोरी के पिता को विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई और उसके गुर्गों ने न्यायालय में लंबित चल रहे मुकदमे को वापस लेने के लिए दवाब बनाया।

वापस लेने से इनकार करने पर पिता को बुरी तरह से पीट-पीट कर अधमरा कर दिया था। इसके बाद माखी थाने के थानाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने उसके खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया था, जबकि काफी दबाव के बाद किशोरी की मां की तरफ से दी गई तहरीर में विधायक के भाई का नाम पुलिस ने दर्ज नहीं किया।

पीड़िता का आरोप है कि विधायक के दबंग भाई और उनके साथी असलहे के बल पर उसके पिता को घर से घसीटते ले गए. जिसके बाद उन्हें पेड़ से बांधकर बुरी तरह पीटा गया था। उसके बाद उन्हें पुलिस की मिलीभगत से हवालात में बंद कर दिया गया, जहां इलाज अभाव में उसकी मौत हो गई।

पीड़िता का आरोप उसकी भी हत्या हो जाएगी- 

पीड़िता का कहना है कि जल्द ही उसे भी मौत के घाट उतार दिया जाएगा। विधायक कुलदीप सेंगर के भाई अतुल सिंह पर आरोप है कि विधायक के भाई और गुर्गो ने माखी थाना क्षेत्र में रहने वाले इस परिवार के घर मे घुसकर 3 अप्रैल को जमकर मारपीट की थी।

पीड़िता ने बताया कि उसके पिता और चाचा को बुरी तरह से इस गुंडे अतुल ने पीटा था, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई ना करते हुए विधायक के दवाब में उल्टा पीड़ित परिवार के खिलाफ ही मुकदमा पंजीकृत कर दिया था।

पीटने के बाद आर्म्स एक्ट में भिजवा दिया जेल ?

पीड़ित के पिता को 4 अप्रैल को आर्म्स एक्ट और मारपीट के आरोप में जेल हुई थी। उन्नाव जेल प्रशासन के मुताबिक, रविवार देर रात उसके पेट में दर्द उठा था, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी मौत हो गई।

उन्नाव जिला अस्पताल के डॉ अतुल ने का कहना है कि पीड़ित को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसे पेट में दर्द और उल्टियां हो रही थीं।

हालांकि सूत्रों का कहना है कि उसके शव पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं। पीड़ित परिवार ने भाजपा विधायक और उसके भाई अतुल सिंह सेंगर पर हत्या का आरोप लगाया है।

जून 2017 से भटक रही है पीड़िता – 

युवती ने विधायक कुलदीप पर आरोप लगाया कि जून 2017 में उन्होंने उसे बंधक बनाकर कई बार रेप किया. यहीं नहीं, उन्होंने अपने गुर्गों से भी रेप कराया। पीड़िता ने थाने में आरोपी विधायक के खिलाफ तहरीर दी, तो पुलिस ने कार्रवाई नहीं की और उसे टाल दिया।

इसके बाद कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले को लेकर पीड़िता का परिवार कई बार लखनऊ में पुलिस के उच्चाधिकारियों से भी मिला। एक बार मुख्यमंत्री से जनता दरबार में गुहार लगाई, लेकिन जांच की बात कहकर मामले को टाल दिया गया।

अब जिलाधिकारी रवि कुमार एनजी ने कहा कि जब दोनों पक्षों की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था तो एक पक्ष को ही जेल क्यों भेजा गया, इसकी जांच कराई जाएगी. साथ ही मृतक का डाक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराने के आदेश दिए गए हैं

सीएम से मिलने विजयी मुस्कान के साथ पहुंचे थे ठाकुर साहब- 

समाजवादी पार्टी से पलटी मारकर चुनाव से ऐन पहले बीजेपी में पहुंचे उन्नाव से विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को तमाम हो हल्ले के बाद  सीएम योगी ने तलब किया था।

बीजेपी विधायक सोमवार शाम मुख्यमंत्री से मिलने लखनऊ पहुंचे, मिलने के लिए जब पंचम तल जा रहे थे तब उनके चेहरे पर ऐसी मुस्कान थी जैसे वो चुनाव जीतकर अभी अभी आये हों।

भाजपा विधायक सेंगर ने आरोप से इनकार किया और कहा कि यह उनकी छवि धूमिल करने का एक षड्यंत्र है. विधायक का कहना है, ‘यह मेरी छवि और प्रतिष्ठा धूमिल करने के लिए मेरे राजनीतिक विरोधियों द्वारा रचा गया एक षड्यंत्र है।

मुझे जांच से कोई समस्या नहीं है. जांच होने दीजिए और दोषी को कड़ी सजा होनी चाहिए. जांच में यदि मैं दोषी पाया जाता हूं तो मैं सजा का सामना करने के लिए तैयार हूं.’

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