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आईएएस संतोष यादव के नेतृत्व में नोएडा मेट्रो लिम्का रिकार्ड में दर्ज, अब हैं प्रतीक्षारत

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो

जब किसी प्रोजेक्ट के प्रबंध निदेशक में आईएएस की प्रशासनिक क्षमता और आईआईटी का इंजीनियर दिमाग हो तो उसकी सफलता का प्रतिशत कई गुना बढ़ जाता है. नोएडा मेट्रो रेल कार्पोरेशन के एमडी रहे संतोष यादव के मजबूत निर्णयों के कारण ही मेट्रो का काम तय समय से भी जल्दी हो रहा है. ताजा खबर है कि नोएडा मेट्रो ने एक महीने में 218 गर्डर लगाकर अपना नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज करा लिया है. यूपी निवासी संतोष यादव 1995 बैच के आईएएस हैं. जिनको बेहतर काम का इनाम देते हुए फिलहाल यूपी सरकार ने प्रतीक्षारत कर दिया है.

लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्डस के बाद वर्ल्ड रिकॉर्ड की तैयारी-

संतोष यादव की अगुवाई में नोएडा मेट्रो ने एक महीने के भीतर सबसे अधिक गर्डर लगाकर अपना नाम लिम्का बुक रिकॉर्ड में दर्ज करा दिया है. 5533 करोड़ रुपये की लागत वाली ये परियोजना 29.7 किलो मीटर लम्बी है और इसमें यू आकार के कुल 2000 गर्डर लगाए जाने हैं. नोएडा मेट्रो ने हर महीने 140 गर्डर लगाने का लक्ष्य रखा था.

लेकिन तेजी से काम करते हुए 218 गर्डर लगाकर 200 गर्डर लगाने का अपना ही पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया. आपको बता दें कि एक गर्डर की लम्बाई 27 मीटर होती है और इसका वजन करीब 160 टन के आसपास होता है. इसे मेट्रो पिलर पर रखने के लिए 6 क्रेन और 6 ट्रेलर लगाए जाते हैं. इस परियोजना के इस साल के अंत तक समाप्त होने की संभावना है. अगर ऐसा हुआ तो ये योजना समय से तीन महीने पहले ही समाप्त हो जाएगी, जो एक वर्ल्ड रिकॉर्ड होगा.

आईआईटी का इंजीनियर दिमाग आया काम-

आईएएस बनने से पहले संतोष यादव ने आईआईटी रूड़की से बीटेक करने के बाद आईआईटी दिल्ली से एमटेक की डिग्री हासिल की है. जिसका फ़ायदा ना सिर्फ़ उनको मिला, बल्कि उनके इसी इंजीनियर दिमाग के कारण नोएडा मेट्रो इतिहास रचने की तरफ बढ़ रही है. संतोष यादव ने इस रूट पर बनने वाले सभी मेट्रो स्टेशनों के नाम की नीलामी करने का फ़ैसला लिया था. इसका फ़ायदा ये होगा कि इन स्टेशनों का नाम प्राइवेट कंपनियां अपने नाम पर रख सकेंगी और इससे जो राजस्व मिलेगा उससे मेट्रो की कमाई में इज़ाफ़ा होगा.

2015 में यूपी के सर्वश्रेष्ठ आईएएस चुने गए गए थे संतोष-

जीडीए उपाध्यक्ष रहने के दौरान संतोष कुमार यादव को प्रदेश भर में आईएएस अधिकारियों की ग्रेडिंग में सर्वश्रेष्ठ आईएएस चुना गया था.
आईएएस अधिकारियों के कार्य और योजनाओं के क्रियान्वयन पर प्रदेश सरकार ने सभी अधिकारियों की रिपोर्ट मांगी थी। इस रिपोर्ट में जीडीए वीसी को हर बिंदु में 10 में 10 अंक मिले थे. जिसमें कार्य निष्पादन, व्यक्तित्व, संवाद कला, निर्णय लेने की क्षमता, सहयोगियों से व्यवहार, कुशल नेतृत्व, कार्यों में गुणवत्ता पैमाना रखा गया था.

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