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निकाय चुनाव बाद EVM पर फिर उठे सवाल, प्रत्याशी बोलीं मेरा खुद का वोट मुझे कैसे नहीं मिला ?

नई दिल्ली/लखनऊ, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों के बाद विपक्षी दलों ने ईवीएम में गड़बड़ी होने का आरोप लगाया था। प्रदेश में ही नहीं देश भर में ईवीएम के खिलाफ आवाज उठी और राजनीतिक दलों के अलावा सामाजिक संगठन भी ईवीएम बैन कराने के लिए सड़कों पर उतरे।

अब एक बार फिर निकाय चुनावों के परिणाम आने के बाद ईवीएम में गड़बड़ी होने की बात कही जा रही है। एक निर्दलीय प्रत्याशी का आरोप है की उसे एक भी वोट नहीं मिला है जबकि अन्य लोगों का ना सही, उसके परिवार का ना सही लेकिन उसका खुद का वोट उसे कैसे नहीं मिला ?

सहारनपुर से निर्दलीय उम्मीदवार शबाना का दावा है की उन्हें शून्य वोट मिला है। लेकिन ऐसा कैसे संभव है कि उनके पति और उनके परिवार का एक भी वोट उन्हें नहीं मिला। ईवीएम पर सवाल उठाते हुए प्रत्याशी शबाना का कहना है कि उन्हें एक भी वोट न मिलने वाली बात उन्हें मतगणना से पता चली।

शबाना ने कहा की मैंने और मेरे परिवार ने मुझे वोट दिया था तो मेरा वोट शून्य कैसे हो सकता है। मुझे क़रीब 900 वोट मिलने की उम्मीद थी लेकिन काउंटिंग में मेरे खाते में एक भी वोट नहीं आया। इससे साफ पता चलता है की ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की गयी है क्योंकि अगर ऐसा नहीं होता तो कम से कम मेरा वोट तो मुझे मिलता।

कानपुर और मेरठ में भी उठे थे सवाल- 

निकाय चुनाव में ये पहला मामला नहीं है जब ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए गए हैं। इससे पहले कानपुर के वार्ड नम्बर 66 में वोटिंग के दौरान ईवीएम में गड़बड़ी होने की बात सामने आई थी, जिसे लेकर स्थानीय लोगों ने खूब हंगामा किया था।

प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ गया था। वहीं कानपुर के अन्य वार्ड क्षेत्र से भी ईवीएम में गड़बड़ी होने की बात कही गई थी। लोगों का कहना था कि वे किसी अन्य पार्टी को वोट डाल रहे थे तो सीधा वोट बीजेपी को जा रहा था।

इसी तरह का एक मामला मेरठ से भी सामने आया था, इसके बाद वहां लाठीचार्ज करना पड़ा था। बता दें कि शुक्रवार को आए निकाय चुनावों के नतीजों में 16 में से 14 महापौर सीटों पर बीजेपी ने कब्जा जमाया है जबकि अन्य दो सीटों पर बसपा ने जीत दर्ज की है।

विपक्ष का आरोप गड़बड़ी का वोट बीजेपी के खाते में ही क्यों ?

विपक्ष के नेताओं का आरोप है कि पूरे देश में जहां भी ईवीएम में गड़बड़ी की बात सामने आती है या मशीन खराब होने की बात कही जाती है। उस जगह का वोट सिर्फ बीजेपी के ही खाते में क्यों जाता है? कांग्रेस नेता तरुण पटेल कहते हैं कि राजस्थान से लेकर महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश से लेकर उत्तर प्रदेश जहां भी मशीन खराब हुई वोट बीजेपी को ही जाता है। अगर सब ठीक है तो ऐसा क्यों होता है ?

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