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गर्व है: UP की बेटी निधि पटेल ने दक्षिण अफ्रीका कॉमनवेल्थ पावर लिफ्टिंग में जीता देश के लिए GOLD MEDAL

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो। 

मेडल क्वीन व गोल्डेन गर्ल के नाम से मशहूर, यूपी की शान, पूर्वांचल के मिर्जापुर की बेटी निधि सिंह पटेल ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए दक्षिण अफ्रीका में चल रहे पावर लिफ्टिंग कॉमनवेल्थ में देश की झोली में स्वर्ण पदक डाल दिया है।

निधि सिंह पटेल ने दक्षिण अफ्रीका के पाॅचेफस्ट्रम में 10 से 17 सितम्बर तक चल रही कॉमन वेल्थ पॉवरलिफ्टिंग चैम्पियनशिप में भाग लेकर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए यह स्वर्ण पदक जीतकर विश्व पटल पर देश का नाम रोशन किया है।

निधि ने 57 किलोग्राम भार वर्ग में अपनी प्रतिद्वंदी दक्षिण अफ्रीका की खिलाड़ी को मात देते हुए 85 किलोग्राम भार उठा कर स्वर्ण पदक पर कब्जा कर लिया।

निधि दूसरे राउंड में 2.5 किलो से पीछे थीं। लेकिन तीसरे राउंड में दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ी को 5 किग्रा. से मात देकर स्वर्ण पदक अपने देश के नाम कर लिया। निधि का स्वास्थ्य खराब होने के कारण निधि का वजन 61 किग्रा. हो गया था। लेकिन तीन दिन में ही निधि ने 5 किग्रा. वजन कम करके 56 किग्रा कर लिया था।

निधि के कोच कमलापति त्रिपाठी की मानें तो शरीर के वजन को कम करके अच्छा प्रदर्शन करने के कारण Strong woman of commonwealth का खिताब भी निधि को मिलने की प्रबल संभावना है।

मिर्जापुर में बंटी मिठाई-

इस अवसर पर निधि के कोच कमलापति त्रिपाठी ने निधि के ट्रेनिंग संस्थान L. R. FITNESS CENTER पर मिठाई बांट कर जश्न मनाया। मिर्जापुर जिले में निधि के गांव पचेवरा में भी जश्न का माहौल है।

इस मौके पर विधायक रमाशंकर पटेल, जिलाधिकारी विमल कुमार दुबे, उप जिलाधिकारी विजय बहादुर सिंह, डॉo उमेश यादव, डॉo एच.पी., विवेक कुमार, डॉ. हरिचन सिंह, हितेश दिवेदी, संजय पटेल, ब्रह्मांड राज, दीपक मालवीय, वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक कुमार पाण्डेय, मण्डल खेल क्रीड़ाधिकारी भगवान राय, क्रीड़ाधिकारी अभिषेक दौनक आदि ने बधाई दी।

यूपी के मिर्जापुर की हैं निधि सिंह पटेल- 

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के चुनार तहसील के छोटे से गांव पचेवरा से निकल कर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेल की दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाली व गोल्डेन गर्ल के नाम से प्रसिद्ध खिलाड़ी निधि सिंह पटेल फिर से विदेशी धरती पर दम खम दिखा चुकी है।

फोटो- निधि सिंह पटेल और कोच कमलापति

हर बार चंदा मांगकर ही जाना पड़ता है विदेश- 

इन सब के बावजूद निधि के कोच और परिवार वाले इस बात को लेकर चिंतित हैं कि प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए हर बार लाखों रुपये अभ्यास शिविर से पहले जमा करने होते हैं। 7 स्वर्ण, दो सिल्वर और एक ब्रांज मेडल जीतने वाली निधि की तंगी ने आज तक पीछा नहीं छोड़ा है।

हर प्रतियोगिता के पहले निधि पटेल के सामने आर्थिक तंगी मुंह बाए खड़ी हो जाती है। कभी समाज के अधिकारी तो कभी व्यापारी वर्ग तो कभी आपस में चंदा जुटाकर ही निधि को विदेश भेजा जाता है। कई बार गुहार लगाने और आश्वासन मिलने के बाद भी प्रदेश सरकार से निधि सिंह पटेल को कोई सहयोग नहीं मिला।

फोटो-  दैनिक जागण नई दिल्ली में प्रकाशित खबर

अखिलेश यादव ने कोई सहयोग नहीं दिया- 

निधि पटेल ने बताया कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुखिया अखिलेश यादव के समय में कई बार मेडल जीतनेके बाद भी निधि सिंह पटेल को ना कभी सम्मानित किया ना ही कोई सहयोग दिया। जबकि अन्य प्रदेशों में खिलाडि़यों को सम्मान भी मिलता है और पैसा भी।

निधि कहती हैं कि गरीबी के कारण मुझे यश भारती पुरस्कार से वंचित होना पड़ा। मेरे पिता शंकर सिंह पटेल प्राइमरी स्कूल में चतुर्थ श्रेणी पर कार्यरत है। इसलिए पैसे के अभाव में पत्थर का वजन बनाकर मैंने प्रेक्टिस करनी शुरू की थी। लेकिन जहां कहीं भी मुझे भाग लेने का मौका मिला मैंने देश के लिए कोई न कोई पदक जरूर हासिल किया।

कच्चे मकान में रखे हैं दो दर्जन से अधिक पदक- 

 

दो दर्जन से अधिक पदक और प्रशस्ति पत्र तथा गोल्ड व रजत मेडल उसके कच्चे मकान में रखे हैं।

1- फिलिपीन्स 2010 की राजधानी मनिला मे एशिया बेन्च प्रेस पावरलिफ्टिगं में 52 Kg भार वर्ग में रजत पदक

2- अगस्त 2011 में एशिया बेन्च प्रेस पावरलिफ्टिगं ताईवान में 57 Kg भार वर्ग में कांस्य पदक

3- पुनः 2011 दिसंबर में पावरलिफ्टिगं कामनवेल्थ लंदन में 57 Kg भार वर्ग में पांच स्वर्ण पदक

4- जुलाई 2015 में एशिया सीनियर महिला पावरलिफ्टिगं चैम्पियनशिप हांगकांग में 57 Kg भार वर्ग में कास्यं पदक

5- पुनः 2015 अक्टूबर में ओमान में एशिया बेन्च प्रेस पावरलिफ्टिंग चैम्पियनशिप में 57 Kg भार वर्ग में स्वर्ण पदक और एशिया की सबसे   शक्तिशाली महिला की उपाधि इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर भी कई स्वर्ण पदक के साथ कई बार भारत की सबसे शक्तिशाली महिला की उपाधि का खिताब मिला

6- अक्टूबर 14 से 20 2016 एशियन बेंच प्रेस पावरलिफ्टिंग उज़्बेकिस्तान में रजत पदक ।

7-– नवम्बर 13 से 19 2016 वर्ल्डकप में प्रतिभाग किया।

8-– जनवरी 2017 में एशिया पावरलिफ्टिग जमशेदपुर में तीन स्वर्ण पदक एवं तीनों में स्ट्रांग वूमेनआफ इन्डिया का ख़िताब मिला |

9-– सितम्बर 10 से 16 तक कामनवेल्थ दक्षिण अफ्रीका में अभी तक एक स्वर्ण पदक

इसके अलावा राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर देश में दर्जनों पदक हासिल किए हैं।

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