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मोदी-अंबानी के चक्कर में BSNL का घाटा भूले योगी, सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों में लगेगा JIO का वाई-फाई

नई दिल्ली/ लखनऊ। नेशनल  जनमत ब्यूरो

पीएम मोदी के नेतृत्व में बीजेपी सरकार बनने के बाद से ही लगातार पीएम मोदी के अंबानी-अडानी से संबंधों को लेकर चर्चा होती रही है. प्रधानमंत्री के दौरे में उद्योगपति अडानी को साथ लेकर जाने और रिलायंस जिओ के विज्ञापन में प्रधानमंत्री तस्वीर आने के बाद इस तरह के आरोपों को और बल मिला.

यूपीटीयू ने अप्रेल में ही कर लिया जिओ से करार- 

अब उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार के अधीन टेक्नीकल शिक्षा के एकमात्र सरकारी विश्वविद्यालय डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (जिसे यूपीटीयू के नाम से भी जानते हैं) ने  निर्णय लिया है कि प्रदेश के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंंस जिओ का वाई-फाई कनेक्शन लिया जाएगा. इसके बारे में बकायदा विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. राकेश वर्मा आदेश भी जारी कर चुके हैं. इसके लिए 26 अप्रेल को ही जिओ से करार किया जा चुका है.

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आदेश के अनुसार योगी सरकार के 100 दिन के एजेंडे में है जिओ वाई-फाई- 

विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार द्वारा जारी किए गए आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि ये योगी सरकार के 100 दिन के एजेंडे में शामिल है, इसलिए अतिशीघ्र इस कार्रवाई को पूर्ण करके विश्वविद्यालय के कुलपति को सूचित किया जाए.

4890 करोड़ घाटे में है बीएसएनएल- 

सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी BSNL का नुकसान 31 दिसंबर को समाप्त चालू वित्त वर्ष के पहले 9 महीनों (अप्रैल-दिसंबर) में 4,890 करोड़ रुपये पर आ गया है। जब सरकार के पास अपनी एक सरकारी दूर संचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड मौजूद है तो उसको प्रमोट करने के बजाए रिलायंस नेटवर्क के वाई-फाई का प्रयोग किस हद तक सही कदम है. जबकि बीएसएनल लगातार घाटे में चल रही है. अब बड़ा सवाल ये भी है जब सरकार को ही अपनी सेवाओं पर भरोसा नहीं तो तो आम आदमी कैसे सरकारी कंपनी पर भरोसा कर सकता है.

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