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PM के पहुंचने से पहले, छेड़खानी के विरोध में छात्राओं ने BHU गेट किया बंद, छात्रा ने मुंडवाया सिर

वाराणसी/नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो 

कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी के कार्यकाल में बीएचयू कैम्पस जातिवाद और अराजकता का अड्डा बनता जा रहा है। ओबीसी, एससी, एसटी छात्र-छात्राओं के साथ ही  आरक्षित वर्ग के शिक्षकों को भी भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है। इस जातिवाद के अलावा कैम्पस मे अराजकता भी बढ़ती जा रही है।

दलित शिक्षिका डॉ. नर्लिकर ने डीन कुमार पंकज पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था, उसके कुछ ही दिन बाद लॉ स्टूडेंट छात्रा सौम्या सचान ने एक शिक्षक पर जानबूझकर उसकी कॉपी गायब करने का आरोप लगाया। कुछ ही दिन पहले एक छात्र को क्लास में घुसकर बुरी तरह पीटने वाले भगवा गमछाधारियों का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब छात्रा से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है।

छेड़छाड़ के विरोध में छात्राओं ने पीएम के दौरे से कुछ देर पहले BHU के मेन गेट को जाम कर दिया। हजारों की संख्या में प्रदर्शन कर रही लड़कियों का आरोप है कि छेड़खानी की शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। लड़कियों का आरोप है कि गुरुवार की रात बीएचयू कैंपस में भारत कला भवन के पास ऑर्ट्स फैकेल्टी की छात्रा के साथ तीन लड़कों ने छेड़खानी की ।

शोर मचाने पर भी 20 मीटर दूर खड़े सुरक्षा गार्ड्स ने कोई मदद नहीं की। पीड़ित लड़की ने हॉस्टल आकर वार्डेन से शिकायत की। इसके साथ ही उसने चीफ प्रॉक्टर को भी उसकी सूचना दी।

लड़कियों का बीएचयू प्रशासन पर गंभीर आरोप-

-लड़कियों का आरोप है कि जब उनसे शिकायत की गई तो उन्होंने कहा, “पीएम का दौरा है। अभी आप सभी लोग शांत रहिए।” उधर प्रोटेस्ट कर रही बीएफए स्टूडेंट आकांक्षा सिंह ने विरोध के दौरान सिर के बाल मुंडवा लिया। उसका कहना है कि छेड़खानी होते रहे और हर वक्त हम खामोश रहे, ऐसा नहीं हो सकता है।

छात्राओं का आरोप है कि घटना के दौरान गेट पर सिक्‍युरिटी गार्ड तैनात था लेकिन उसने छोड़खानी का विरोध नहीं किया। छात्रा हॉस्‍टल में रहकर पढ़ाई करती है। जब मामले की जानकारी अन्‍य छात्राओं को हुई तो हास्‍टलर्स समेत अन्‍य छात्राओं ने विरोध जताना शुरू कर दिया। मामला बीएचयू प्रशासन तक पहुंचा लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि न्‍याय के लिए विरोध कर रही छात्राओं को चुप रहने के लिए कहा जा रहा है।

इतना ही नहीं कई छात्राओं को हास्‍टल में ही बंद कर दिया गया है और विरोध दबाने की कोशिश की जा रही है। बनारस हिन्‍दू विश्‍वविद्यालय में छात्रा से छेड़खानी को लेकर अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हुए हैं, इससे छात्राओं का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है।

-बता दें कि पीएम मोदी को BHU मेन गेट के रास्ते ही पीएम मोदी को दुर्गाकुंड जाना है। लड़कियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन भी सकते में हैं। इस बीच प्रॉक्टोरियल बोर्ड से लड़कियों की बातचीत फेल हो गई है।

‘खिड़कियों पर होते हैं अश्लील इशारे’

-प्रोटेस्ट कर रही रश्मि ने बताया,”हॉस्टल की खिड़कियों पर लड़के पत्थर में लेटर लिखकर फेंकते है। खिड़कियों पर खड़ा होने पर लड़कियों को अश्लील इशारे करते हैं। विरोध करने पर कहते है, कैंपस में दौड़ाकर कपड़े फाड़ देंगे।

-स्टूडेंट पल्लवी ने कहा, ” कैंपस में ही लड़के फिजिकली एब्यूज कर रहे है। कपड़े फाड़ने की धमकी तक दी जाती है। कल की घटना के बाद हम सभी को खामोश रहने की चेतावनी दी गयी है। सर्कुलर जारी किया गया है शाम 6 बजे के बाद सुबह में अंधेरे तक लड़कियां ना निकले। ये कैसी आजादी है।

-चीफ प्रॉक्टर ओ एन सिंह ने कहा, ” लड़कियों को बात करके समझाने की कोशिश हो रही है। सभी दोषी लड़को पर कार्रवाई की जाएगी।

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