You are here

शादी के कार्ड पर यादव जी का सामाजिक न्याय, सोशल मीडिया में हुआ वायरल

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो 

लखनऊ यूनिवर्सिटी के शोध छात्र सुरेश यादव सत्यार्थी के विवाह का आमंत्रण- पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. इस कार्ड की खासियत ये है कि इस पर हिंदू देवी-देवताओं के स्थान पर बहुजन समाज के नायकों विरसा मुंडा, पेरियार रामास्वामी, बाबा साहब अम्बेडकर, राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले, राष्ट्रमाता सावित्री बाई फुले, पेरियार ललई सिंह यादव और वीपी मंडल का चित्र छपा हुआ है.

गीता यादव को न्याय चाहिए-हरिय़ाणा की बेटी गीता यादव ने कहा मेरे पति और एक मंत्री से मुझे जान का खतरा है

हम में है दम-ओबीसी कोटे से नेट पास करने वाले हरियाणा के जाटों को हाईकोर्ट ने अयोग्य करार दिया

सुरेश बताते है कि पहले जब उन्होंने ये बात अपने माता-पिता और परिवार के अन्य संबंधियों को बताई तो उन्हें ये बात ठीक नहीं लगी पर जब उन्होंने इन महापुरूषों के बारे में अपने परिवार को समझाना शुरु किया तो परिवार वाले इस तरह का कार्ड छपवाने को लेकर राजी हो गए . सुरेश यादव का ये विवाह कार्ड आज सारे क्षेत्र के साथ ही सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है.

जातिवादी संपादकों का चरित्र-क्या अंबानी के पैसों से चल रही वेबसाइट का एजेंडा ही है लालू-नीतीश का अलगाव !

हमारा मानना है कि सुरेश यादव ने सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है और नेशनल जनमत परिवार उनके सफल वैवाहिक जीवन की कामना करता है. सुरेश आपको विवाह की बधाई.

दहेज रहित एवं मानवतावादी पद्धति से हो रही है शादी- 

लखनऊ वि.वि. में हिन्दी विभाग के रिसर्च स्कॉलर सुरेश यादव सत्यार्थी के मित्र धर्मवीर गगन ने बताया कि ये सामाजिक न्याय कार्ड तक ही सीमित नहीं है बल्कि इससे आगे बढ़कर ये शादी दहेज रहित भी है. इसके अलावा शादी में किसी भी पाखंड और पोगापंथी के तरीकों का इस्तेमाल ना करके मानवतावादी पद्धति से सम्पन्न होगी.

इससे पहले महात्मा गांधी हिन्दी वि.वि. वर्धा के असिस्टेंट प्रोफेसर सुनील कुमार सुमन की शादी इसी पद्धति से सम्पन्न हुई थी. जिसमें हिन्दू पद्दति के स्थान पर बौद्ध पद्दति का सहारा लिया गया था जो सामाजिक न्याय के पुराधाओं के बीच काफी चर्चा में रही थी।

इसे भी पढ़ें- योगीराज में ठाकुर-ब्राह्मणों का थानों पर कब्जा, दलित पिछड़ों का झुनझुना

Related posts

Share
Share