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यज्ञ – हवन सब हो गए फेल , पाकिस्तान ने भारत को चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में बुरी तरह रौंदा

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो।

भारत और पाकिस्तान के बीच जब भी मैच होता है तो भारतीय मीडिया आम लोगों तक खेल को खेल की तरह से न पहुंचा कर इस मौके पर युद्ध जैसा माहौल बनाता है. इसके अलावा न्यूज चैनलों पर भविष्यवाणी करने वाले कुछ पाखंडी लोगों को भी बुलाकर भारतीय जनमानस में भाग्यवाद और पाखंड का बीज बोया जाता है. चैम्पियंस ट्रॉफी में आज पाकिस्तान के हाथों भारत की शर्मनाक हार पर चैनलों पर बैठने वाले पाखंडी भविष्य वक्ताओं को जबाब जरूर देना चाहिए जो ये कह रहे थे आज विराट की कुंडली में जीत का योग है.

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आपको बता दें कि चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में टीवी चैनलों पर भारत की जीत के लिए यज्ञ-हवन आदि का आयोजन किया जा रहा था. पर लगता है भारतीयों ने जितना यज्ञ-हवन किया पाकिस्तान ने उतनी ही बुर तरह से भारत को हराया.

मीडिया ने खेल के मैदान को बना दिया जंग का मैदान

दरअसल बात ये है कि क्रिकेट सिर्फ एक खेल है पर भारतीय मीडिया ने खेल को खेल न बनाकर उसे जंग भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाली जंग बना दिया औऱ खेल के मैदान को जंग का मैदान बना दिया. इसके साथ ही इसमें धर्म और पाखंड का भी तड़का लगा दिया. एक से एक पाखंडियों को टीवी पर बैठाकर भारतीय जनमानस में भी पाखंड की भावना का संचार किया.

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फैसबुक पर भी भारतीय क्रिकेट टीम की हार पर तीखी प्रतिक्रिया आ रही है. कई सामाजिक चितंको ने क्रिकेट के लेकर मीडिया द्वारा गढे छद्म राष्ट्रवाद नाराजगी जाहिर की. सामाजिक चिंतक संजय कुमार पाटिल ने फेसबुक पर पाखंडवाद और पंडावाद पर करारी टिप्पणीं करते हुए लिखा है कि आज 33 करोड़ देवी-देवताओं के विकेट गिर गए थे, सभी पवैलियन में बैठकर आराम कर रहे थे. इसी तरह सोशल मीडिया पर एक और टिप्पड़ी चर्चा का विषय बनी हुई है कि भारतीय क्रिकेट टीम में तो सभी जन्मजात   टेलेंटधारी सवर्ण लोग ही मैच खेल रहे थे फिर कैसे इंडिया मैच हार गई. जन्मजात टेलेंट वालों का टेलेंट कहां चला गया.

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