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योगी के गोरखपुर में स्वास्थ्य सुविधा बेहाल, ठेले पर शवों को लादकर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया

गोरखपुर । नेशनल जनमत ब्यूरो।

एक तरफ सूबे में अपराध बहुत तेजी से बढ़ता जा रहा है तो वहीं दूसरी तरफ सूबे की स्वास्थ्य व्यवस्था और बिजली व्यवस्था चौपट होती जा रही है.

हालत ये है कि मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुकी है. बीते दिनों  गोरखपुर में दो शवों को जिला अस्पताल से 12 किलोमीटर दूर मेडिकल कॉलेज तक ठेले से पहुंचाया गया. मामला के प्रकाश में आने के बाद घटना की जिम्मेदारी अफसर एक-दूसरे के कंधे पर डाल रहे हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बुधवार को जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए दो शव लाए गए. इसमें एक दुर्घटना में मृत खजनी निवासी सुनील का था जबकि दूसरा लावारिस. बताया जाता है कि स्वीपर ने शव पर कफन सिला और फिर इन्हें एक ही ठेले पर रख दिया और ठेला लेकर दोपहर करीब एक बजे राजू मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना हो गया.

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रिपोर्ट के मुताबिक जब इस मामले में सीएमओ डॉ. रवींद्र कुमार से पूछा गया तो उन्होंने इसके लिए पुलिस महकमे को जिम्मेदार बताया. कुमार के मुताबिक शव वाहन सिर्फ अस्पताल से लाशों को शवदाह गृह ले जाने के लिए दिया जाता है और इसके लिए शासन की गाइड लाइन भी तय है.

वहीं जिलाधिकारी राजीव रौतेला ने कहा कि पोस्टमार्टम के लिए ठेले पर शव ले जाने के मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी और एसआईसी से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और मामले की जांच कराई जाएगी.

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उल्लेखनीय है कि अब इस मामले का मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है और गुरुवार को मोर्च्यूरी का निरीक्षण कर जांच कराने की बात कही है.

रिपोर्ट के अनुसार जिला अस्पताल में दो शव वाहन हैं लेकिन ये लाशों को लेकर शवदाह स्थल तक जाते हैं. अधिकारियों के मुताबिक शासन की गाइड लाइन में इनसे पोस्टमार्टम हाउस पर शव भेजने की अनुमति नहीं है.

जिलाधिकारी राजीव रौतेला ने कहा, ठेले पर शव ढोए जाने की बाबत मुख्य चिकित्सा अधिकारी और एसआईसी से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और मामले की जांच कराई जाएगी.

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