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इधर योगी ले रहे थे बेहतर लॉ एंड आर्डर का सम्मान, उधर लखनऊ में ही तैर रही थी पुलिस वाले की लाश

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो।

यूपी में कानून व्यवस्था इतनी बदहाल हो चुकी है कि कानून के रखवालों को ही अपनी जान बचाना मुश्किल हो रहा है। अभी दो दिन पहले ही बिजनौर के एक थाने में तैनात दरोगा सहजोर सिंह मलिक की अज्ञात बदमाशों ने धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी थी। और अब लखनऊ की गोमती नदी के किनारे एक पुलिस वाले की ताश तैरती मिलने से पुलिस महकमें में सनसनी मच गई।

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इसे संयोग ही कहा जाएगा कि कि जिस समय लखनऊ की गोमती की नदी में पुलिस वाले की तैरती लाश को बाहर निकालने के लिए पुलिस अधिकारी दिशा-निर्देश दे रहे थे उसी समय सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ को राज्यपाल राम नाईक द्वारा बेहतर कानून व्यवस्था को लेकर साम्मानित किया जा रहा था।

राजधानी लखनऊ की गोमती नदी में सोमवार को एक बर्दी पहने सिपाही का शव तैरता देख पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. जले पर नमक ये कि जहां लाश मिली वो जगह गोमतीनगर सीओ कार्यालय के ठीक पीछे थी. सूचना मिलते ही आईजी रेंज लखनऊ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

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पुलिसकर्मी का शव कई दिन पुराना लग रहा है क्योंकि वो काफी फूला हुआ था. मृतक सिपाही की आंखों और मुंह से खून निकल रहा था. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उसकी बेरहमी से हत्या करके शव को गोमती में फेंक दिया गया. सिपाही की नेम प्लेट पर एमके शुक्ला लिखा था. उसके पीएनओ नंबर से तैनाती और निवास की पहचान की गई.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार- 

एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि मृत आरक्षी एमके शुक्ला वर्तमान समय में पुलिस लाइन रह रहे थे. उनकी ड्यूटी उ.प्र. के महाधिवक्ता राघवेन्द्र सिंह के सुरक्षाकर्मी के रूप में थी. वह एक तारीख से ड्यूटी से गायब थे. उनके घरवालों की सूचना के आधार पर पुलिस को उवके गायब होने की जानकारी थी. एसएसपी के मुताबिक सिपाही ने गोमती में कूदकर जान दी या फिर उसकी हत्या की गई, यह सब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पता चल पाएगा।

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चार दिन में दो पुलिसकर्मियों की हत्या- 

इस वारदात से ये बात साफ हो गई है कि उत्तर प्रदेश की वर्तमान योगी सरकार में जनता की सुरक्षा करने वाले पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं. अभी पिछली 30 जून 2017 को यूपी के बिजनौर जिले में दरोगा सहजोर सिंह मलिक की बदमाशों ने गला काटकर हत्या कर दी थी. इस घटना में पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची थी कि सिपाही की लाश लखनऊ में मिल गई.

 

 

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