योगीराज में विरोध की सजा, काला झंडा दिखाने वाली दो छात्राओं सहित 11 को जेल में डाला

लखनऊ। नेशनल जनमत ब्यूरो

योगीराज में विरोध को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ऐसा ही कुछ संदेश देते हुए गुरुवार को सीएम का काफिला रोककर काला झंडा दिखाने वाली दो छात्राओं सहित 11 छात्राओं को जेल भेज दिया गया. गुरुवार को कोर्ट में पेश करने के बाद सभी आरोपितों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

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सीएम का विरोध करना इतना बड़ा गुनाह है-

पुलिस का कहना है कि अज्ञात प्रदर्शनकारियों की तलाश में भी जुटी हुई है। हसनगंज और महानगर कोतवाली पुलिस यूनिवर्सिटी के पास लगे सीसीटीवी कैमरों से उनकी पहचान करने का प्रयास कर रही है। यूनिवर्सिटी के सामने सीएम का काफिला रोककर काला झंडा दिखाने वाले प्रदर्शनकारी छात्रों की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।

सभी हॉस्टल और आस-पास के इलाके में किराए के मकानों में रहने वाले छात्रों के कमरे खंगाले जा रहे हैं। बुधवार रात पुलिस ने जिन 14 छात्रों को हिरासत में लिया था इनमें से 11 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया। इनमें दो छात्राएं भी शामिल हैं।

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इंस्पेक्टर हसनगंज ने बताया कि यूनिवर्सिटी के आस-पास लगे कैमरों से उपद्रवी छात्रों की पहचान करवाई जा रही है। मौके पर जिन लोगों ने घटना की विडियो बनाई थी उनसे संपर्क कर विडियो क्लिप ली जा रही है। उन्होंने बताया कि 11 नामजद आरोपितों के अलावा सौ से ज्यादा छात्र अज्ञात हैं। इन्हें पकड़ने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन की भी मदद ली जा रही है।

ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने भी की थी लापरवाही

सीएम की फ्लीट के लिए रास्ता खाली करवाने और रोड पर ट्रैफिक को रोकने में तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने भी लापरवाही बरती थी। छात्रों के अचानक रोड पर उतरने से रोक नहीं पाए। एएसपी ट्रैफिक रविशंकर निम का कहना है कि उस दौरान तैनात ट्रैफिककर्मियों से पूछताछ की जा रही है। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि ट्रैफिककर्मियों को सख्त निर्देश दिया गया है कि वीआईपी मूवमेंट के दौरान चौकन्ना होकर ड्यूटी करें।

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