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योगीराज: फसल को नुकसान पहुंचा रहीं गौमाताओं का गांव वालों ने स्कूल में कराया एडमीशन, बच्चे बाहर

नई दिल्ली/ लखीमपुर खीरी, नेशनल जनमत ब्यूरो।

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इन दिनों आवारा पशुओं का बोलबाला है। गांवों और सड़कों के किनारे बड़ी तादाद में इन पशुओं ने किसानों का जीना मुहाल कर दिया है। फसलों को बेपनाह नुकसान पहुंचा रहे इन जानवरों ने उनकी माली हालत कमजोर कर दी है।

किसानों की शिकायतों के बाद भी यूपी प्रशासन कुंभकर्णी नींद सो रहा है। आवारा गाय बछड़ों से निजात पाने के लिए किसान इन्हें स्कूलों में बंद करने पर मजबूर हैं।

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में कई किसानों ने 250 जानवरों को एक प्राइमरी स्कूल में बंद करके रखा है। किसानों का कहना है कि ये जानवर उनके लिए मुसीबत बन गए हैं। स्कूल में जानवरों को बंद करने से छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही है। स्कूल में पढ़ने के लिए खाली जगह नहीं बची है।

अब स्कूल के बच्चों इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं है कि आखिर उनका स्कूल कब खुलेगा और कब पढ़ाई शुरू होगी।

स्लाटर हाउस बंद होने से आवारा जानवरों की संख्या बढ़ी- 

गांव के किसानों का कहना है कि जिले में हज़ारो की संख्या में घूम रहे आवारा पशुओं ने फसलों को काफी नुकसान पहुचाया है। उसके बावजूद प्रशासन ने इस मामले पर कोई एक्शन नहीं लिया। जिले में कुल मिलाकर यह चौथी घटना है जब आवारा जानवरों को स्कूल में बंद किया गया हो।

बेसिक शिक्षा अधिकारी बुद्धप्रिय सिंह के मुताबिक, लखीमपुर खीरी जिले के नाखा ब्लॉक के सकेथू गांव में जहां गुस्साए किसानों ने स्कूल को अपने कब्जे में कर लिया है, यही कारण है कि स्कूल नहीं चल पा रहा है। हमें सभी बच्चों को वापस भेजना पड़ रहा है।

प्राइमरी स्कूल के शिक्षकों ने भी लोगों से जानवरों को बाहर निकालने की अपील की थी, लेकिन किसानों ने एक न मानीं। जिसके बाद शिक्षकों ने अधिकारियों को सूचना दी।

पुलिस की भी नहीं सुनी गांव वालों ने-

हालात का जायजा लेने मौके पर पहुंची नाखा पुलिस और शिक्षाधिकारियों ने किसानों से शांति बनाए रखने की अपील की। इस पर गुस्साए ग्रमीणों ने कहा, स्कूल तब तक बंद रहेगा जब तक सरकार इन आवारा जानवरों के लिए शेल्टर की व्यवस्था नहीं कर देती।

गांव के किसान अनिरुद्ध कुमार का कहना है कि, स्लॉटर हाउस बंद हो जाने के कारण आवारा जानवरों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है। गायों को बचाना सरकार का सही फैसला था लेकिन पशुओं के लिए शेल्टर की व्यवस्था करनी चाहिए थी।

ये आवारा जानवर हमारे खेतों में घुसकर फसलों को चट कर जाते हैं। हम अपने खेतों के चारों तरफ तार भी नही लगा सकते ऐसा करने पर गौरक्षकों ने गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है।

खीरी जिलाधिकारी आकाशदीप सिंह का कहना है कि जिले में आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या जटिल समस्या है। हम इस मामले पर एनजीओ और कुछ दूसरे लोगों से जानवरों के लिए शेल्टर बनाने की बात कर रहे हैं। इस मामले में मैंने राज्य सरकार को अवगत कर दिया है।

आपको बता दें सकेथू गांव के किसान आवारा पशुओं के लिए शेल्टर की मांग काफी दिनों से कर रहे थे। लेकिन प्रशासन उनकी मांग पर हमेशा मौन रहा। जिसके बाद ग्रामीण इन जानवरों को गांव के स्कूल में बंद करने पर मजबूर हुए।

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