You are here

योगीराज: पिछड़े वर्ग की गरीब बेटियों को मिलने वाले ‘शादी अनुदान’,पर रोक अल्पसंख्यकों पर संशय

नई दिल्ली/लखनऊ। नेशनल जनमत ब्यूरो 

जातिवादी सरकार के रूप में पहचान बना रही यूपी की महंत आदित्यनाथ की सरकार किसी कीमत पर अपने एजेंडे से हटने को तैयार नही है। सरकारी वकीलो की नियुक्ति में जातिवाद का आरोप झेलने के बाद अब योगीराज में पिछड़े वर्ग की गरीब बेटियों को मिलने वाला शादी अनुदान बंद करने का आदेश जारी हुआ है। इस अनुदान के तहत 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता पिछड़े वर्ग की गरीब लड़कियों की शादी के लिए दी जाती थी।  वहीं पिछड़े अल्पसंख्यकों को मिलने वाले पर अनुदान पर संशय बरकरार है।

इसे भी पढ़ें-सीएम योगी की नजर में आने के लिए मुस्लिमों को गाली देकर खुद का वीडियो वायरल किया बीजेपी विधायक ने

शासन ने जारी किया आदेश- 

पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में वाराणसी के उपनिदेशक आरके वर्मा ने बताया कि यूपी के सभी जिलों के पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारियों को शासन की तरफ से पत्र भेजकर इस अनुदान राशि को भेजने के लिए कहा है। अनुदान योजना के तहत पात्र परिवारों को 20 हजार रुपये की आíथक मदद दी जाती थी। जिसे शासन समाप्त कर दिया है।

एसडीएम और बीडीओ को आवेदन लेने से मना किया – 

प्रदेश के सभी जिलो के खंड विकास अधिकारियों ने सभी उप जिलाधिकारी और खंड विकास अधिकारी को पत्र लिखकर कहा गया है कि चालू वित्तीय वर्ष में अन्य पिछड़ा वर्ग के गरीबी रेखा नीचे जीवन यापन करने वाले व्यक्तियों की पुत्रियों के शादी अनुदान योजना से संबंधित आवेदन प्राप्त न जमा किए जाएं

पढ़ें-  यूपी में सभी 403 विधायको की जान खतरे में विधानसभा के अंदर तक पहुंचा शक्तिशाली विस्फोटक !

अल्पसंख्यकों पर संशय बरकरार- 

अल्पसंख्यक वर्ग की बेटियों के अनुदान के लिए मिलने वाली राशि पर संशय बरकरार है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अभी हमारे यहां कोई आदेश नहीं हुआ है लेकिन फंड भी नहीं आया है। स्थिति अभी असमंजस में है कि अल्पसंख्यक वर्ग की लड़कियों के लिए सरकार क्या तरीका अपनाती है। पिछड़े वर्ग की लड़कियों के लिए तो सामूहिक विवाह कराने की योजना है लेकिन अल्पसंख्यकों के लिए अभी कुछ भी तय नहीं है।

अखिलेश सरकार ने 10 हजार से 20 हजार रुपये किया था अनुदान- 

अनुसूचित जाति, जनजाति और सामान्य वर्ग के गरीबों की बेटियों के विवाह के लिए अखिलेश सरकार में अनुदान राशि दोगुनी कर दी गई थी। इसके साथ ही पूरी अनुदान प्रक्रिया ऑनलाइन की गई थी। गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों की बेटियों के विवाह में मिलने वाली राशि को दोगुना करके 20 हजार रुपये कर दिया गया था। 

इसे भी पढ़ें- कांवड़ यात्रा में लगे आरक्षण विरोधी पोस्टर, नाराज कांवड़िये बोले भाड़ में गई तुम्हारी यात्रा

क्या थी पात्रता- 

योजना की पात्रता के लिए अधिकतम वार्षिक आय 56,460 रुपये व ग्रामीण क्षेत्रों में 46080 रुपये निर्धारित की गयी थी। वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित विधवा पेंशन, विकलांग पेंशन व समाजवादी पेंशन पाने वालों को आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं थी।

Related posts

Share
Share