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उन्मादी बोले ये लोग बीफ खाते हैं इनको खत्म कर दो, 3 भाईयों पर चाकू से हमला, जुनैद की मौत

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो।

जबसे केन्द्र में पीएम मोदी की सरकार बनी है, मुस्लिमों के साथ हिंसा की घटनाएं बढ़ती ही जा रही हैं. मुस्लिमों को बेवजह आरोपी की निगाह से देखने से समाज में नफरत की खाई बढ़ाकर इसका राजनीतिक लाभ लेने के लिए पार्टियां भी शांत  बैठी हैं. ताजा मामला बल्लभगढ़ स्टेशन का है जहां कुछ गुंडे किस्म के युवकों ने चाकुओं से गोदकर जुनैद (17 साल) की हत्या कर दी. जुनैद के दो भाईयों के अलावा एक और लड़का भी इस हमले में बुरी तरह घायल हुए हैं.

ईद की खरीददारी करने दिल्ली आए थे युवक

दरअसल, बल्लभगढ़ के खंदावली गांव के तीन सगे भाई जुनैद(17साल), कासिम (21साल) और शाकिर (20 साल) अपने दोस्त मोहसिन के साथ ईद की खरीदारी करने दिल्ली आऐ हुए थे. खरीददारी करने के बाद इन युवकों ने बल्लभगढ़ जाने के लिए दिल्ली से पलवल जाने वाली पैसेंजर गाड़ी को पकड़ा.

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तुगलकाबाद स्टेशन पर चढ़े लोगों ने आपत्तिजनक टिप्पणी शुरू कर दी- 

तुगलकाबाद रेलवे स्टेशन पर कुछ युवकों का एक समूह ट्रेन में सवार हुआ और कासिल की दाड़ी और टोपी देखकर मुसलमानों के खिलाफ आपत्तिजनक बातें करने लगे. कासिम ने जब विरोध किया तो दंगाई किस्म के इन युवकों ने कासिम को उसकी सीट से उठा दिया. मामला जल्द ही झड़प में तब्दील हो गया. मामले को और बढ़ता देख जुनैद ने घर पर फोन लगा दिया.

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बल्लभगढ़ पहुंचते ही गुंडों ने चाकुओं से हमला कर दिया- 

जैसे ही ट्रेन बल्लभगढ़ स्टेशन पर पहुंचने वाली थी गुंडों ने तीनों भाईयों पर बीफ रखने का आरोप लगाकर चाकुओं से हमला कर दिया. जिससे जुनैद की मौके पर ही मौत हो गई और जुनैद के दो अन्य भाई भी चाकुओं के हमले से बुरी तरह घायल हो गए. घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनकी हालत चिंताजनक है.

मोहसिन द्वारा पुलिस को दिए गए बयान के अनुसार ट्रेन में सफर करते हुए कुछ यात्रियों ने उन्हें गाली देना शुरु कर दिया। यात्रियों को शक था कि चारों बीफ खा रहे हैं। पीड़ितों ने जब इसका विरोध किया तो कई यात्रियों ने उनकी पिटाई कर दी। इसी बीच दो यात्रियों ने चाकू निकाल लिए और उनपर हमला कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने चारों युवकों को असावती रेलवे स्टेशन पर फेंक दिया। इस हमले में चारों बुरी तरह से घायल हो गए जिन्हें तुरंत ही पलवल के अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां पर जुनैद की मौत हो गई। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है लेकिन उसकी पहचान उजागर नहीं की है.

मोहसिन ने बताया कि उसके दो भाई अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। पीड़ितों ने पुलिस के इमरजेंसी नबंर पर फोन किया था लेकिन कोई रिसपोंस नहीं मिला। इसके साथ ही मोहसिन ने कहा कि हमने ट्रेन की चेन खींचने की भी कोशिश की थी लेकिन वे कामयाब नहीं हो पाए। बल्लभगढ़ रेलवे स्टेशन पर जीआरपी अधिकारियों को घटना की सूचना दी गई लेकिन उन्होंने हमारी मदद करने से इंकार कर दिया जिसके बाद हमने इस मामले की शिकायत दिल्ली पुलिस में की।

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हमलावरों ने पहले तो जुनैद, हाशिम व मोहसिन के साथ मारपीट की व चाकूबाजी की। मोहसिन ने जब फोन कर शाकिर को मदद के लिए बुलाया तो उस पर भी चाकू चलाए गए। मेरे भाइयों को बल्लभगढ़ स्टेशन पर उतरना था, लेकिन उन्हें उतरने नहीं दिया गया।
– कासिम, मृतक जुनैद का भाई।

हत्या के पीछे धार्मिक उन्माद मुख्य वजह रहा था। आरोपी मेरे पुत्रों को धार्मिक प्रताड़ना के शब्द भी कह रहे थे। मेरे पुत्र ने मुझे बताया कि आरोपियों में से एक ने कहा कि ये लोग बीफ (गोमांश) खाते हैं, इसलिए इनको खत्म कर देना चाहिए। कुछ मुसाफिरों ने भी हमलावरों का साथ दिया था।
– जलालुद्दीन, मृतक जुनैद के पिता।

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