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‘रावण’ की रिहाई को लेकर हुई हुंकार रैली, जिग्नेश का सवाल, PM संविधान और मनुस्मृति में से किसे चुनेंगे ?

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

देश में एक तरफ जुमलेबाजी, तानाशाही अपने चरम पर है तो दूसरी तरफ उसके विरोध में मानवतावादी, अंबेडकरवादी ताकतें एकजुट हो रही हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को दिल्ली के संसद मार्ग पर हुई युवा हुंकार रैली में देश के 42 सामाजिक संगठनों ने तानाशाही के खिलाफ आवाज बुलंद की।

रैली में भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर रावण की रिहाई की मांग उठी। इसी बीच पीएम पर सवालिया हमला बोलते हुए वडगाम से निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी ने प्रधानमंत्री मोदी से पूछा कि वे संविधान और मनुस्मृति में से किसे चुनेंगे ?

रैली में विधायक जिग्नेश मेवाणी के साथ जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार और पूर्व उपाध्यक्ष शहला राशिद सहित कई छात्र नेता शामिल हुए. साथ ही असम के किसान नेता अखिल गोगोई और उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण भी मौजूद थे.

मोदी जी मुझे गिरफ्तार करवा लेते हैं- 

जिग्नेश मेवाणी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए कहा, ‘मोदी जी गुजरात आते हैं, तो पुलिस मुझे गिरफ्तार कर लेती है, लेकिन अब मैं दिल्ली आया हूं तो भी मोदी जी गिरफ्तार करवाना चाहते हैं.’

निर्दलीय विधायक ने आगे कहा, ‘मैं सिलाई मशीन चुनाव निशान पर जीता हूं. गुजरात में जो 22 साल तक तोड़ने की राजनीति हुई, उसे मैं जोड़ने आया हूं. ये लोग लव जिहाद की बात करते हैं. हम प्यार, इश्क और मोहब्बत की बात करते हैं. हम 14 अप्रैल भी मनाएंगे और 14 फरवरी (वैलेंटाइन्स डे) भी मनाएंगे.’

गुजरात चुनाव पर मेवाणी ने कहा कि गुजरात के तीन युवा (हार्दिक, अल्पेश और जिग्नेश) ने मिलकर भाजपा के 150 सीट के घमंड को तोड़ दिया और इसी वजह से उन पर हमला हो रहा है.

संविधान पर खतरा है ये सरकार- 

इस रैली के लिए अनुमति मिलने की बात पर युवा विधायक ने कहा, ‘चंद्रशेखर की रिहाई, लोकतंत्र- संविधान को लागू करना और दो करोड़ युवाओं को रोजगार की बात करने की इजाज़त अगर एक विधायक को नहीं है, तो आम जनता को कैसे होगी?

हमारे संविधान पर खतरा है और उसको बचाने के लिए सड़कों की लड़ाई के साथ हम विधानसभा में भी आवाज़ उठाएंगे.’ मेवाणी ने अपने भाषण में युवाओं से प्रधानमंत्री से सवाल करने की बात कहते हुए पूछा कि दो करोड़ युवाओं को रोजगार, 15 लाख कहां गए, किसानों को उचित दाम, दलितों को इंसाफ क्यों नहीं मिल रहा है.

मेवाणी ने एक हाथ में संविधान और मनुस्मृति लेकर प्रधानमंत्री मोदी से सवाल किया कि संविधान और मनुस्मृति में से वो किसे चुनेंगे. जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने कहा, ‘हम किसी भी जाति या धर्म के खिलाफ नहीं है. हमारी सिर्फ यही मांग है कि देश में लोकतंत्र और संविधान को लागू किया जाना चाहिए.’

केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा को वाशिंग मशीन बताते हुए कन्हैया ने कहा कि यह दल अपने नेताओं के आपराधिक आरोपों को धो देता है. भाजपा और आरएसएस नेता हिंसा और घृणा फैलाने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने युवाओं से इनके जाल में नहीं फंसने की अपील की.

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