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तेजस्वी यादव ने जी न्यूज को दी खुली चुनौती, हिम्मत है तो अंग्रेजी में डिबेट करा लो

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो।

प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्रा पर सवाल उठाने के कारण बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव कुछ मीडिया घरानों के निशाने पर आ गए. कुछ समाचार चैनलों ने तेजस्वी का इस बात को लेकर मजाक उड़ाया कि तेजस्वी तो कक्षा 9 ही पास है. इसी बात का जवाब देते हुए तेजस्वी ने मीडिया को अंग्रेजी में डिबेट कराने की खुली चुनौती दी है.

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क्या है मामला- 

दरअसल डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने ट्विट कर पीएम मोदी की विदेश यात्राओं पर सवाल उठाया. इसके बाद जी न्यूज और अन्य टीवी चैनलों ने तेजस्वी यादव के ट्विट को मजाक का पात्र बना दिया. इसके बाद लोगों ने भी उस पर सवाल उठाते हुए कहा कि कम पढ़ा लिखा और अंग्रेजी न जानने वाला नेता पीएम की विदेश यात्राओं पर सवाल उठा रहा है.

तेजस्वी ने प्रायोजित चैनलों को दी चुनौती-

जब ट्विटर पर तेजस्वी यादव की अंग्रेजी बोल पाने की योग्यता से संबंधित ट्विट के बारे में तेजस्वी को पता लगा तो उन्होंने ट्विट करके टीवी चैनलों को चुनौती देते हुए कहा कि प्रायोजित चैनलों  को चुनौती देता हूं कि वो दुनिया के किसी भी विषय पर किसी भी नेता के साथ अंग्रेजी मे मेरी लाइव डिबेट करा लें.

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सचिन तेंदुलकर भी मैट्रिक फेल, पर धड़ाध़ड़ बोलते हैं अंग्रेजी- 

तेजस्वी यादव के कक्षा 9 तक पढ़ने और अंग्रेजी बोलने के बीच क्या संबंध है. ये समझ से परे है . क्रिकेटर बनने के लिए जैसे सचिन तेंदुलकर ने बीच में पढ़ाई छोड़ दी थी वैसे ही तेजस्वी ने क्रिकेट के लिए पढ़ाई छोड़ दी. अब किसी की डिग्री से अंग्रेजी बोलने का क्या संबंध है.

आज भी लालू प्रसाद यादव को देश के ज्यादातर लोग अनपढ़ ही समझते हैं, जबकि हकीकत ये है कि लालू यादव ने पटना यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और वे उस यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ अध्यक्ष भी रहे. कई बार मीडिया अपने हिसाब से दलितों और पिछड़ों के खिलाफ कुछ झूठी कहानियां गढ़ देता है जिस पर लोग आंख मूंद कर भरोसा कर लेते हैं.

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वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल का कहना है- 

सचिन तेंडुलकर ने स्कूल में ही पढ़ाई छोड़ दी और क्रिकेट पर फ़ोकस किया। ठीक यही कहानी तेजस्वी यादव की है।

लेकिन दोनों के प्रति मीडिया के व्यवहार में कितना फ़र्क़ है।

यह फ़र्क़ यादव और तेंडुलकर होने का है।

तेजस्वी यादव देश के बेहतरीन इंग्लिश स्कूल में पढ़े हैं। नवीं के बाद क्रिकेट में चले गए। ज़्यादातर क्रिकेटर यही करते हैं।

तेजस्वी फ़र्राटेदार इंग्लिश इसलिए बोलते हैं क्योंकि भाषा तो दो साल की पढ़ाई में आ जाती है। नौ साल तो लंबा वक़्त है।

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