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गाय से ज्यादा इंसान की जिंदगी की परवाह करते CM आदित्यनाथ, तो 63 लाख में बच जाती 30 बच्चों की जान

नई दिल्ली/गोरखपुर। नेशनल जनमत ब्यूरो 

गोरक्षनाथ पीठ के महंत सीएम आदित्यनाथ हर महीने गोरखपुर पहुंचकर पीठ में समय बिताते हैं। वहां मीडिया के कैमरों के बीच गाय को चारा खिलाने से लेकर गाय को खूब दुलार किया जाता है। किसी जानवर के प्रति दया होना अच्छा है, इसमें कोई बुराई भी नहीं, लेकिन गाय का दुलार तो राजनीतिक हो चला है।

ऐसे में गोरक्षनाथ पीठ में बैठकर गोरखपुर के अस्पतालों का हाल ना दिखना सीएम योगी की बहुत बड़ी राजनीतिक विफलता है। सिर्फ योगी सरकार 63 लाख रुपये का भुगतान ना रोकती तो 30 बच्चों की जान बचाई जा सकती थी। लेकिन सरकार अब अपनी नाकामी का ठीकरा आक्सीजन वेंडर पर थोप देना चाहती है।

कंपनी ने कहा था भुगतान कर दो नहीं तो सप्लाई रोक देंगे- 

गोरखपुर मे 30 से ज्यादा मासूम आक्सीजन की कमी से दुनिया छोड़ लेकिन सरकार अब पूरा दोषी आक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी को बना रही है।

प्राइवेट सप्लायर को यूपी सरकार बिल भुगतान नही कर रहा थी. 63 लाख रूपये बकाया थे जबकि किसी भी सरकारी वेंडर कंपनी का बकाया 10 लाख से ज्यादा नही होना चाहिए. इस स्थिति मे वह सप्लाई रोक सकता है.

फिर भी उस कंपनी ने 63 लाख रूपये तक बिना बिल लिए सप्लाई किया परन्तु जब उसे लगा कि मेरा पैसा फसने वाला तब वह नियमत: प्रशासन को अप्लीकेशन लिखकर बिल भुगतान करने की अपील की अन्यथा सर्विस बंद करने की इच्छा जताई.

तब भी प्रशासन नही चेता और उस पर कोई संज्ञान नही फलतः वेंडर फर्म ने सप्लाई रोक दी. योगी जी गोरखपुर भी गए फिर भी शासन प्रशासन ने कोई संज्ञान नही लिया.

सरकार हर काम प्राइवेट क्षेत्र से करवा रही हैं तब पेमेंट करने के लिए भी तैयार रहना चाहिए. और पैसा नही दोगे तो कौन सा बनिया लगातार घाटे में सप्लाई करेगा..

या तो स्वास्थ्य सेवा की पूरी सप्लायर सरकारी हो तो बिल न देने की स्थिति मे भी सर्विसेज चलती रहेगी…

100% FDI का एलान करने वाली सरकार ने अपनी अकुशल प्रशासन और प्रबंधन से 30 नैनिहालो की जान ले ली.. और सरकार प्रशासन इस मामले को छिपाने और आंकडे से छेड़छाड़ मे लगा है.

इस स्थिति मे भी यदि आप सरकार की लापरवाही नही मानेगे और आरोपी सप्लायर को बनाएंगे तो मुझे ऐसी मानसिकता पर तरस आ रहा है… यह भाषा मानसिक दिवालिया पन और तर्कहीन गुलाम मानसिकता है…

या जाति देखकर सरकार बचाने का प्रयास है.. ऐसे लोग देश भक्ति का प्रमाण पत्र जारी करते है.. मुझे उनकी मानसिक विक्षिप्तता देखकर यह बात सही लगने लगी है कि सचमुच भक्त बेदिमाग होते हैं…

अगर थोडी सी जागरूकता और राष्ट्र के प्रति समर्पण हो तो सरकार की निंदा करने से मत चुकिए क्योंकि अगर आपका यह चारण गान चलता रहा तो सरकारों को यह मालुम ही नही चलेगा की वह गलत है…

अंत मे बाबा जी को मेरी सलाह बेकार की मीडिया मैनेजमेंट से बचिए क्योंकि चार महीने मे आपकी अयोग्यता दिख गयी है.. थोडा गंभीर होकर काम करिए वर्ना साधुगीरि के लिए गोरखपुर वापस जाइए..

यूपी मे कोई सुरक्षित नही.. न बच्चे न बेटियां और न ही और समाज…. यूपी को मुश्किल में मत डालिए नही तो जनता वापस करना..

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